गौर पुलिस चौकी में अपहरण की सूचना से पुलिस हुई अलर्ट
जबलपुर। गौर पुलिस चौकी क्षेत्र से 6वीं कक्षा में पढ़ने वाले 11 वर्षीय मासूम आयुष के अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई। शहर के साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि में तलाश के बाद पुलिस को सीसीटीवी कैमरे में आयुष रेलवे स्टेशन जाते दिख गया। पतासाजी करने के बाद पुलिस ने उसे प्रयागराज से दस्तयाब कर लिया। आयुष क्रिकेटर बनने वहां पहुंच गया था। दोपहर में 2 बजे तक मां के साथ टीवी में आईपीएल किक्रेट मैच का रिप्ले देखने के बाद आयुष घर से लापता हो गया। करीब 2 घंटे बाद मां ने देखा कि बेटा घर में नहीं है। रात 8 बजे गौर चौकी पहुंचे परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बच्चे का अपहरण होने की आशंका पर पुलिस तत्काल सक्रिय हुई। डीएसपी अपूर्वा किलेदार, चौकी प्रभारी टेकचंद शर्मा की टीम ने घर से लेकर रेलवे स्टेशन तक के सीसीटीवी कैमरे एक घंटे में खंगाल डाले। पड़ताल में जुटी टीम को आयुष रेलवे स्टेशन की ओर जाता दिखा, जिसके बाद पुलिस ने जीआरपी-आरपीएफ सहित अन्य जिलों की पुलिस ने संपर्क साधा। एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देश पर आयुष की खोजबीन में कई थानों की पुलिस को लगा दिया गया। पुलिस ने रात करीब 11 बजे उस वक्त राहत की सांस ली जब बच्चे ने अपनी मां के मोबाइल पर कॉल कर बताया कि वह प्रयागराज पहुंचा है यहां किक्रेट एकेडमी है, जो मुङो किक्रेटर बनाएगी। आयुष ने जिस नंबर से कॉल किया था, उस नंबर पर डीएसपी अपूर्वा किलेदार ने बात करते हुए संबंधित व्यक्ति को बच्चे को सुरक्षित नजदीकी थाना पहुंचाने की बात कही। उस व्यक्ति ने आयुष को जीआरपी के सुपुर्द कर दिया। रात में गौर चौकी पुलिस का बल प्रयागराज के लिए रवाना हो गया था।
पापा ने कहा था जबलपुर में स्कोप नहीं है
डीएसपी अपूर्वा किलेदार ने बताया कि सालीवाड़ा गौर निवासी संजय मिश्र का 11 साल का बेटा आयुष अचानक घर से गायब हो गया था। आयुष के लापता होने की सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस ने जिले में करीब 4 घंटे तक सर्चिग अभियान चलाया। बच्चे से संपर्क होने पर बात की तो उसने बताया कि वह किक्रेटर बनना चाहता था। पापा से कहा था तो वह बोले कि जबलपुर में स्कोप नहीं है। बड़े हो जाओ फिर किसी एकेडमी में भेज देंगे। आयुष को किसी ने बताया था कि प्रयागराज में अच्छी किक्रेट एकेडमी है। आयुष क्रिकेटर बनने के लिए घर से भाग गया था।
