भाजपा पर आरोप : पंचायत चुनाव में 19 जिलों में ओबीसी को एक भी सीट नहीं
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व सीएम कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर ओबीसी वर्ग को ठगने का आरोप लगाया है। पंचायत चुनाव में आरक्षण की स्थिति क्लीयर होने के बाद कमलनाथ ने आंकड़ों सहित दावा किया है कि ओबीसी वर्ग को 9.5 से 12.5 प्रतिशत ही आरक्षण मिल रहा है जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह छाती ठोककर ओबीसी को 35 प्रतिशत तक आरक्षण मिलने का दावा कर रहे है। पूर्व सीएम ने कहा कि ओबीसी वर्ग के साथ आंकड़ों का खेल कर ठगा जा रहा है।
क्या है कमलनाथ का दावा और क्या कहते हैं आंकड़े
कमलनाथ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि सत्य की जीत हुई है और भाजपा नेता तो ओबीसी को 35 प्रतिशत तक आरक्षण मिलने की बातें कह रहे थे। अब जबकि पंचायतों में आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो स्थिति स्पष्ट हो गई है। कमलनाथ ने कहा कि 1993 में एक कानून पास हुआ था। इसमें 25 प्रतिशत सीट जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए आरक्षित करने का प्रावधान था, लेकिन इतना आरक्षण भी पिछड़ा वर्ग को नहीं मिल रहा है। नए आरक्षण से ओबीसी की सीटें आधी हो गई हैं। राज्य सरकार ने ओबीसी आरक्षण रद्द कराने के लिए ये साजिश रची है। कमलनाथ ने आरोपों को साबित करने ये आंकड़े पेश किए।
जिला पंचायत सदस्य पद के लिए मिला 11.2 प्रतिशत आरक्षण
मध्यप्रदेश में जिला पंचायत के कुल 875 सदस्य हैं। ओबीसी को 98 पद मिले। यानी जिला पंचायत सदस्य के लिए प्रदेश में 11.2 प्रतिशत आरक्षण ही मिला है। 19 जिलों में जिला पंचायत सदस्य के लिए एक भी पद ओबीसी को नहीं मिला।
जनपद पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मिला 9.5 प्रतिशत आरक्षण
प्रदेश में जनपद पंचायत अध्यक्ष के 313 पद हैं। ओबीसी को 30 पद मिले। यानी 9.5 प्रतिशत आरक्षण मिला। 28 जिलों में जनपद पंचायत अध्यक्ष के लिए एक पद भी ओबीसी के लिए आरिक्षत नहीं हुआ है।
प्रदेश में जनपद पंचायत सदस्य पद के लिए मिला है 11.5 प्रतिशत आरक्षण
जनपद पंचायत सदस्य के 6,771 पद हैं। 780 पद ही ओबीसी को मिले हैं। यानी 11.5 प्रतिशत आरक्षण मिला। 10 जिलों में जनपद पंचायत सदस्य का एक भी पद ओबीसी को नहीं मिला है।
सरपंच: 12.5 प्रतिशत आरक्षण
सरपंचों के लिए 22,424 पद हैं। 2821 पद ओबीसी को मिले हैं। यानी सरपंच के पदों पर ओबीसी को सिर्फ 12.5 प्रतिशत आरक्षण ही मिला है।
कमलनाथ के आरोपों पर नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह का पलटवार
कमलनाथ के आरोपों पर नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने पलटवार करते हुए कहा है कि ओबीसी आरक्षण के साथ ही मध्यप्रदेश में पंचायत और नगरीय निकाय के चुनाव हो रहे थे। इस पर कांग्रेस 5 बार हाईकोर्ट गई। फिर सुप्रीम कोर्ट भी गई। ओबीसी आरक्षण का विरोध कांग्रेस ने किया। यह हमारी सरकार और मुख्यमंत्री का प्रयास है कि पूरी तैयारी करके अपना पक्ष रखा। देश में मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसे सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव कराने की अनुमति दी है। महाराष्ट्र में जहां कांग्रेस की सरकार हैं वहां ओबीसी आरक्षण के बिना पंचायत चुनाव हुए हैं।
