सरकारी जमीन हड़पने और बेचने के मामले में आरोपी है हामिद हसन
गगन यादव का पक्ष भी मौके पर, हंगामे की आशंका पर भारी पुलिस बल तैनात
जबलपुर। नर्मदा नगर गोहलपुर में हाईकोर्ट के आदेश पर जमीन पर कब्जा दिलाने वाले मामले में आज एक बार फिर सुबह से जिला प्रशासन की टीम सीमांकन के लिए पहुंची। चूंकि दो माह में दो बार प्रशासन की कार्रवाई फ्लॉप हो चुकी है जिसे कानून और व्यवस्था बनाए रखने का नाम दे दिया गया। इसी के चलते आज फिर एक बार जिला प्रशासन पुलिस बल के साथ यहां नाप-जोख कर रहा है। इस दौरान मौके पर दोनों पक्ष हामिद हसन और गगन यादव के लोग भी मौजूद रहे जिसके चलते तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
राजस्व रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने का मिला फायदा
हामिद हसन के विरुद्ध बतौर भू-माफिया पहले ही जमीन हड़पने, सीलिंग की जमीन बेचने आदि के गंभीर आरोप लगे हैं। दूसरी ओर यादव परिवार का कहना है कि यह उनकी पैतृक सम्पत्ति है जिसके राजस्व रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने का फायदा उठा कर हामिद हसन ने इसे हड़प लिया। चूंकि मामले पर हाईकोर्ट का आदेश हामिद हसन के फेवर में है इसलिए जिला प्रशासन सीमांकन कर कब्जा दिलाने के आदेश के परिपालन में जुटा हुआ है। मौके पर तहसीलदार श्याम आनंद, टीआई गोहलपुर अरविंद चौबे आदि सहित प्रशासन का अमला मौजूद रहा।
2006 से चल रहा मामला, 23 में 11 एकड़ का विवाद
उधर, आज एक बार फिर पिछली बार की तरह ही सिविल कोर्ट के आदेश दिखा कर इस मामले में गगन यादव की ओर से प्रशासन को कार्रवाई करने से रोकने का प्रयास किया गया। वहीं हामिद हसन कोर्ट के आदेश पर कब्जा लेने अड़ा हुआ है। दरअसल, नर्मदा नगर में खेती की जमीन को लेकर गगन यादव और हामिद हसन के बीच 2006 से विवाद चल रहा है और कई बार तनावपूर्ण माहौल बनने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस मामले पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कुल 23 एकड़ में 11 एकड़ जमीन को ही विवादित माना है। शेष 12 एकड़ जमीन पर सिविल कोर्ट ने हामिद हसन को कब्जा दिलाने का आदेश है। उधर ,गगन यादव की ओर से आए वकीलों का कहना था कि कोर्ट ने महमूद कुरैशी से कब्जा दिलाने की बात कही है, लेकिन इस पर उसका कब्जा है ही नहीं। हामिद हसन की ओर से आए वकीलों ने कहा कि यह जमीन और उससे जुड़े दस्तावेज हामिद हसन के पक्ष में है, इसलिए उसे कब्जा दिलाया जाना न्यायोचित है।
