कलेक्ट्रेट के लेट-लतीफ बाबुओं की शामत आई, दिए शोकाज नोटिस
जबलपुर। कार्यालयीन अनुशासन पर फोकस कर रहे कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने चार दिन पहले दी गई हिदायत का असर लेट-लतीफों पर कैसा है? यह देखने मंगलवार की सुबह साढ़े दस बजे फिर कलेक्ट्रेट के विभागों में पहुंच गए। कलेक्टर के इस एक्शन की खबर मिलते ही सिस्टम में हड़कम्प मच गया। दोपहर बारह बजे के पहले एक्टिव न होने का आदी हो चुका अमला सूचना मिलते ही दौड़ते-भागते कार्यालय पहुंचा, पर तब तक काफी देर हो चुकी थी। लेट-लतीफों के कार्यालय पहुंचने के पहले ही हाजिरी रजिस्टर कलेक्टर के कब्जे में थे। आनन-फानन में अपनी-अपनी सीट पर पहुंचने की जल्दी में नजर आए गैर जिम्मेदारों की कलेक्टर ने अपने सामने परेड करा डाली और स्कूल स्टाइल में अटेंडेंस लेना शुरू कर दिया। कलेक्टर यह कंफर्म कर रहे थे कि जिनकी हाजिरी लगी हुई है, वे वास्तव में आए हैं कि नहीं। उन्होंने हाजिरी रजिस्टर से मिलान कर जो नहीं आए उन्हें अनुपस्थित दर्ज कर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
पहले ओएस की लगाई क्लास, जमकर फटकारा
कलेक्टर ने शुरुआत ऑफिस सुपरिन्टेंडेंट महेश जाटव के दफ्तर से की जहां सबसे पहले हाजिरी लगाना जरुरी होती है। इसके बाद जिला कोषालय, निर्वाचन शाखा, आदिम जाति कल्याण विभाग और शहर विकास अधिकरण डूडा आदि के दफ्तरों में जाकर मौजूद स्टाफ से जो अभी तक नहीं आए ,उनकी जानकारी तलब की। बताया जा रहा है कि कार्यालय अधीक्षक सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को कलेक्टर ने जम कर फटकार भी लगाई। चूंकि कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने 22 अप्रैल शुक्रवार को भी कलेक्ट्रेट परिसर का निरीक्षण किया था इसलिए अधिकतर स्टाफ को यह आशा ही नहीं थी कि दिए गए दिशा-निर्देशों का फॉलोअप लेने कलेक्टर फिर सुबह-सुबह आ धमकेंगे। इसका नतीजा यह रहा कि आज सुबह से कलेक्टर कार्यालय में हड़कम्प मचा रहा।