भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ ने हरीश गारमेंट्स संचालक भाइयों पर लगाए करोड़ों हड़पने के आरोप
जबलपुर। एक परिवार के 5 भाईयों ने कारोबार के नाम पर चिटफंड से परिचित साथी व्यापारियों से करोड़ों रुपए का कर्ज ले लिया। शहर के प्रतिष्ठित 30-40 व्यापारियों से करोड़ों रुपए बटोरने के बाद चीटिंगबाजी करने वाले भाई देनदारी से बचने बहानेबाजी कर रहे थे और जब रकम वापस न करने व्यापारियों ने दबाव बनाया तो अपनी इज्जत बचाने व्यापारियों को सूदखोरी में फंसाने और आत्महत्या कर लेने की धमकी दे रहे हैं। यहां तक कि रकम हड़पने की साजिश करने वाले भाई जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट पहुंच गए और शिकायत की कि मुङो सूदखोर परेशान कर रहे हैं। भाजपा व्यापारी प्रकोष्ट के राजेश जैन पिं्रसी ने बताया कि जिन व्यापारियों से हरीश गारमेंट के संचालक सुनील चौथवानी व घनश्याम ने करोड़ों रुपए लिए उन्हें झूठे मामले में फसाने की धमकी दी जा रही है।
टेंशन की बात कहकर दूसरों को दे रहा टेंशन .....
भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ ने बताया कि कुछ दिन पहले एक भाई टेंशन की बात कहकर घर से गायब हो गया। पड़ताल की गई तो पता चला कि वह ससुराल में रह रहा है। व्यापारियों ने रकम वापस देने के लिए दबाव बनाया तो उसने कलेक्टर से शिकायत करते हुए कहा, कि मुङो और मेरे परिवार को सूदखोर प्रताड़ित कर रहे हैं। सूदखोरों पर कार्रवाई की जाए। कर्ज लेने वाले सुनील चौथवानी, घनश्याम चौथवानी, विनोद, कमल एवं राजू से परेशान होकर कर्ज देने वाले व्यापारियों ने भी कलेक्टर को शिकायत देते हुए बताया, कि पांचों भाईयों से रकम वापस मांगते हैं, तो वह आत्महत्या कर लेने की धमकी देते हैं। पांचों भाई करोड़ों रुपए लेकर जबलपुर छोड़ने के चक्कर में हैं, इनकी निगरानी की जाए।
प्रापर्टी खरीदी, लग्जरी कारों के मालिक खुद को बता रहे परेशान
भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ के राजेश जैन बताया कि सभी कारोबारियों के बीच थोक कपड़ों का कारोबार कई सालों से चल रहा है। आवश्यकता पड़ने पर रुपयों का लेनदेन आपस में सभी लोग बिना ब्याज के करते थे। रकम के एवज में भूलचूक न हो इसके लिए चेक लिया जाता था। हरीश गारमेंट के संचालक सुनील चौथवानी एवं घनश्याम चौथवानी ने बेटे एवं बेटी की शादी करने की बात कहते हुए रुपयों की जरूरत होना बताया, जिसमें सभी व्यापारियों ने मित्रता के नाते इन भाईयों को लाखों रुपए बिना ब्याज के दे दिए। शहर के व्यापारियों से करोड़ों रुपए एकत्र करने के बाद इन भाईयों की नीयत में खोट आ गई और वह रकम वापस नहीं कर रहे हैं। रुपए मांगने पर फिलहाल आर्थिक स्थिति खराब होने की बात कहकर टाल दिया जाता है, जबकि शहर कीकई प्रापर्टी में इनके द्वारा निवेश किया जा रहा है। हाल ही में इन्होने नई लग्जरी कारें भी खरीदी हैं। कई व्यापारियों का हस्ताक्षरित पत्र प्रशासन को सौंपा गया है।
