हॉस्टल वार्डन और सहपाठी हादसे से सन्न
जबलपुर। गौर चौकी अंतर्गत टीएफआरआई की हॉस्टल में रहकर रिसर्च करने वाली युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हॉस्टल में उसकी सहेलियों और वार्डन ने जैसे ही उसके फांसी पर लटके हुए देखा, वे सभी सन्न रह गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। चौकी प्रभारी टेकचंद शर्मा ने बताया, कि पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी में रहने वाली 31 वर्षीय प्रियदर्शनी क्षेत्री सितंबर 2021 में अनुवांशिकी पर रिसर्च करने जबलपुर आई थी, जो कि टीएफआरआई हॉस्टल फस्र्ट फ्लोर रूम नंबर 16 में रह रही थी। सोमवार रात प्रियदर्शनी ने हॉस्टल में ही रहने वाली अपनी अन्य सहेलियों के साथ खाना खाया और फिर सोने के लिए अपने रूम में चली गई। दूसरे दिन मंगलवार दोपहर लंच टाइम पर प्रियदर्शनी जब बाहर नहीं आई तो उसकी सहेलियों ने जाकर रूम खटखटाया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो वार्डन ने आकर भी प्रयास किया। शंका होने पर गार्ड से दरवाजा तुड़वाया और जैसे ही सब अंदर घुसे तो प्रियदर्शनी खिड़की की जाल से किसी चीज का फंदा बनाकर फांसी पर झूल रही थी। जिसे ऐसी हालत में देखकर सबके होश उड़ गए।
परिजनों को दी सूचना, कमरे में नहीं मिला सुसाइड नोट
बताया जा रहा है, कि सिलीगुड़ी निवासी प्रियदर्शनी के परिजनों को उसकी आत्महत्या की सूचना दे दी गई। जो कि कल ही वहां से रवाना हो गए थे और आज शहर पहुंच जाएंगे। जिसके बाद प्रियदर्शनी के शव को उनके सुपुर्द कर दिया जाएगा। प्रियदर्शनी के कमरे से कोई सोसाइड नोट या ऐसी कोई चीज बरामद नहीं हुई है, जिससे यह पता चल सके, कि उसने आत्महत्या क्यों की। पुलिस के मुताबिक प्रियदर्शनी के मोबाइल की जांच और परिजनों से बात करने के बाद ही पता चलेगा कि वह किस बात को लेकर परेशान थी।
