धरना देकर बैठे भाजपा, आरएसएस व हिंदू संगठनों के नेता
जबलपुर। हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा के उत्साह -उमंग को दोगुना करने बड़ा फुहारा में हिंदू संगठनों द्वार लगाए गए भगवा झंडों को नगर निगम के अमले ने निकालकर कचरा गाड़ी में डाल दिए। जेएमसी कर्मियों की इस बेरुखी के बाद भड़के भाजपा सहित सभी हिंदू वादी संगठनों के नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर-जेएमसी कमिश्नर से माफी मांगने के लिए मौके पर पहुंचने की मांग करने लगे और जब घंटों बाद भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो नगर भाजपा, आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद, हिंदू धर्मसेना सहित सभी हिंदूवादी संगठन धरने पर बैठ गए । दोपहर में सांसद राकेश सिंह के पहुंचने के बाद मौके पर कलेक्टर व एसपी पहुंचे और ज्ञापन लेकर धरना समाप्त कराया।
गुस्साए नेताओं कार्यकताओं ने एसडीएम-एचओ को लौटाया
इससे पहले विरोध बढ़ता देख एसडीएम नम: शिवाय अरजरिया और नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी भूपेंद्र सिंह उद्वेलित हिंदूवादी संगठनों को मनाने के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन सभी के अंदर भगवा के अपमान से इतना रोष पनप चुका था कि किसी ने उनकी नहीं सुनी और दोनों अधिकारियों को वहां से भगा दिया। प्रदर्शन कर रहे संगठनों का साफ कहना है कि जब तक कलेक्टर और कमिश्नर मौके पर पहुंचकर त्योहार के दिन भगवा ध्वज निकालने पर सफाई नहीं देंगे, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके बाद अपर कलेक्टर राजेश बाथम सहित अन्य भी मान-मनौव्वल करने पहुंचे लेकिन बात नहीं बनी। सूचना मिलते ही नगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर, पूर्व विधायक अंचल सोनकर, पूर्व मेयर द्वय सदानंद गोडबोले व प्रभात साहू, पूर्व एमआईसी मेंबर क मलेश अग्रवाल सहित अनेक नेता बड़ा फुहारा पहुंचे थे। कईयों ने कलेक्टर-कमिश्नर को कॉल भी किया लेकिन कॉल अटेंड नहीं हुआ। जिसके बाद आक्रोश ज्यादा बढ़ गया ।
ये आत्मसम्मान की बात, अच्छा काम करने पर सराहना भी की
एक भाजपा नेता ने कहा कि पहले तो अधिकारियों ने बिना सोचे समङो हिंदू धर्म का अपमान किया और जब जब सत्ताधारी दल प्रदर्शन कर उन्हें बुलाने की मांग कर रहा है तो वे मौके पर पहुंच भी नहीं रहे हैं। जिससे साफ जाहिर हो रहा है कि जबलपुर में पदस्थ अधिकारी धर्म और सत्ताधारी दल दोनों का अपमान करने पर उतारू हैं। विरोध कर रहे नेताओं ने बताया कि इसके पूर्व भी बड़ा फुहारा में भाजपा और कांग्रेस के विधायकों और बड़े नेताओं के बैनर-पोस्टर हटाए गए लेकिन यह काम शहर हित में था इसलिए किसी ने विरोध नहीं किया, बल्कि जिला- नगर निगम प्रशासन के काम की सराहना की, लेकिन यदि हिंदू धर्म और लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ होगा तो कतई बर्दाश्त नहीं होगा।