Type Here to Get Search Results !

हिंदुओं की नवरात्र,मुस्लिमों का रमजान, सिखों की वैशाखी और इसाईयों के इस्टर का संयोग

अप्रेल माह है खास,आकाश में 9 ग्रह कर रहे राशि परिवर्तन

कालगणना के मुताबिक ज्योतिषाचार्य मान रहे अद्भुत योग-संयोग 

 जबलपुर। समाज में हमारे आसपास अक्सर ऐसा कुछ न कुछ घटित होता रहता है जिसे देख कर भी हम जाने-अनजाने नजरअंदाज कर जाते हैं। मात्र संयोग या दुर्योग मान कर घटनाक्रमों की महत्ता उनके घटित हो जाने के बाद समझ आती है। चूंकि प्रकृति समय-समय पर मानव को संदेश देती रहती है इसलिए यह माना जा रहा है कि ऐसा ही कुछ घटनाक्रम इस समय आकाश मंडल में घटित हो रहा है जिसका असर इस पृथ्वी गृह पर भी नजर आ रहा है। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि भारतीय वैदिक ज्योतिष और कालगणना की अलग-अलग तिथियों और हिंदी-अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं के कलेंडर, विक्रम सम्वत, शक सम्वत और दुनिया में चलित-प्रचलित काल गणना की भिन्न-भिन्न पद्धतियों के बावजूद इस समय हिंदु, मुस्लिम,सिख और ईसाई धर्मावलम्बियों के पवित्र त्यौहार एक साथ चल रहे हैं। इसमें अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं और काल-तिथि-तारीख की अलग-अलग गणना के बावजूद इन त्यौहारों का एक साथ आगे-पीछे चलना ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो ईश्वर या प्रकृति सत्य-प्रेम और करुणा के साथ-साथ भाईचारे का संदेश दे रही है। बता दें कि भारतीय वैदिक ज्योतिषीय कालगणना के मुताबिक इस अप्रेल माह में सभी के सभी 9 ग्रह एक साथ राशि परिवर्तन कर रहे हैं जो कि अलौकिक खगोलीय घटनाक्रम है। ग्रहों के लिए राशि परिवर्तन नई बात नहीं होती लेकिन आकाश मंडल में कालपुरुष की गणना में विराजमान सभी के सभी 9 ग्रहों का एक साथ परिवर्तन होना ज्योतिषाचार्यो में विशेष रूप से चर्चित हो रहा है। 

श्रीराम नवमीं पर त्रियोग की त्रिवेणी,रवि पुष्य योग

 बता दें कि वर्ष प्रतिपदा होते ही 2 अप्रेल से हिंदु नववर्ष का शुभारंभ मां जगतजननी जगदम्बा की आराधना के साथ हो चुका है। सूर्यवंश में प्रकटे भगवान श्रीराम का नवमीं तिथि पर सूर्य उपासना के विशेष दिन रविवार सहित पुष्य नक्षत्र और सर्वाथ सिद्धि योग की त्रिवेणी में मनाए जाने की तैयारी चल रही है। इसी के साथ मातारानी की उपासना का 9 दिवसीय क्रम सतत जारी है।

 3 अप्रेल से शुरू हो चुका रमजान माह, अफ्तार का दौर

 वहीं 3 अप्रेल से इस्लाम धर्मावलम्बियों का पवित्र माह रमजान शुरु हो चुका है। एक माह तक रोजा रखने के कठिन संकल्प के साथ प्रतिदिन नमाज, तरावीह, तिलावत जैसी मान्यताओं को पूरा करते हुए मुस्लिम इस महीने अपने फर्ज पूरे करते हैं। इस्लामिक कलैंडर के 9 वें माह में ही शब-ए-कद्र भी मनाई जाती है।

 खालसा पंथ का उत्सव वैशाखी, जोरदार तैयारियां

 सिख धर्मावलंबियों का खास पर्व वैशाखी के आयोजन की भव्य तैयारियां चल रही हैं। 13 अप्रैल को खालसा पंथ के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाने वाले वैशाखी पर्व को लेकर सिखों में भारी उत्साह है। इसके पहले रविवार से निशान साहिब की विशेष सेवा शुरू हो जाएगी। 

17 अप्रेल को आ रहा मसीही समाज का ईस्टर संडे

इसी क्रम में आने वाले 17 अप्रेल को इसाई धर्मावलम्बियों द्वारा ईस्टर संडे मनाया जाएगा। ईस्टर संडे गुड फ्राइडे के बाद मनाया जाता है। इसी के अंतर्गत तीसरे दिन प्रभु यीशु का पुर्नजन्म भी माना जाता है। ईस्टर संडे पर इसाई धर्मावलम्बियों द्वारा चर्च में मोमबत्ती जला कर बाइबिल पढ़ी जाएगी और प्रभु यीशु के पुर्नजन्म की खुशियां मनाई जाएंगी।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.