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संघ मुख्यालय से मंजूरी के बाद भाजपा में नियुक्त होंगे तीन सह संगठन मंत्री

जिला अध्यक्ष, मंडल अध्यक्षों को संगठन की मंशा के अनुरूप करेंगे सक्रिय 

भोपाल। दिल्ली में एमपी भाजपा कोर ग्रुप को आरएसएस की रणनीति के मुताबिक मिली चुनावी गाइड लाइन के बाद प्रदेश भाजपा चुनावी मोड में आ चुकी है। इसके लिए संगठन में महामंत्री बदलने के बाद अब संघ मुख्यालय नागपुर से हरी झंडी मिलते ही तीन सह संगठन मंत्रियों की नियुक्ति की जाएगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय संगठन मंत्री जल्द ही संघ मुख्यालय में चर्चा कर तीनों नाम तय करेंगे। सह संगठन मंत्री पार्टी के जिला अध्यक्षों व मंडलों को संगठन की मंशा के अनुरूप सक्रिय कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रहे प्रभात झा के कार्यकाल में दो दर्जन से अधिक सह संगठन मंत्री काम करते थे और झा की विदाई के बाद यह व्यवस्था भी चली गई। विधानसभा चुनाव 2023 की तैयारियों में संगठन के इस ढांचे को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और अपेक्षा के अनुरूप परिणाम लाने भाजपा ने कवायद तेज कर दी है।

 संघ के महाकोशल, मध्यभारत व मालवा की तर्ज पर होगी नियुक्ति

पार्टी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ हुई कोर ग्रुप की बैठक में सत्ता व संगठन में बेहतर तालमेल को लेकर कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। इसमें संघ के महाकोशल, मध्य भारत व मालवा प्रांत की तरह संगठन में सह संगठन मंत्रियों की तैनाती की चर्चा भी शामिल रही। केंद्रीय संगठन चाहता है कि इन पदों पर जल्द संघ के पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी जाए ताकि ये क्षेत्रीयता के हिसाब से अपने को संघ और संगठन के ढांचे में फिट कर काम कर सकें। वहीं पार्टी की जिला इकाइयां, मंडल इकाइयां संगठन के निर्देश पर आम जनता के बीच सक्रिय रहें। मध्यप्रदेश में करीब 6 साल तक प्रदेश संगठन महामंत्री की सफल जिम्मेदारी निभाने के बाद संघ के बौद्धिक वर्ग में भेजे गए सुहास भगत के स्थान पर पार्टी ने प्रदेश सह संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को प्रमोट कर प्रदेश संगठन महामंत्री बना दिया है। इसके बाद प्रदेश सह संगठन महामंत्री का पद रिक्त है। इसके साथ ही महाकौशल, मालवा और मध्यभारत क्षेत्र के बनने वाले तीन नए सह संगठन मंत्रियों की तैनाती की भी जरूरत संगठन महसूस कर रहा है क्योंकि अब मध्यप्रदेश में चुनाव के लिए 18 माह का ही समय बचा है और संगठन स्तर पर जमावट के लिए इन पदाधिकारियों की भूमिका पार्टी में महत्वपूर्ण होती है। अलग-अलग क्षेत्रों के सह संगठन मंत्री पाटी की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रदेश संगठन मंत्री को देंगे।

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