1 अप्रैल से लागू सरकार की नई आबकारी नीति पर किए कई ट्वीट
भोपाल। राज्य में शराबबंदी पर मुखर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के तेवर अभी भी गर्म हैं। राजधानी में शराब दुकान में घुसकर बोतलों पर पत्थर फेकने के बाद हिंदू नववर्ष और नवरात्र के पहले 1 अप्रैल से लागू शिवराज सरकार की नई आबकारी नीति पर एक के बाद एक ट्वीट कर उमा भारती ने बता दिया कि वे साध्वी के रूप में फ्लॉवर भी हैं और फायर भी हैं। राजनीतिक हलकों में वैसे भी उमा भारती को भाजपा का फायर ब्रांड नेता कहा जाता है, और इसी स्वभाव के अनुरूप उन्होने ट्वीट कर कहा है कि ‘‘मैं मध्यप्रदेश की महिलाओं व बेटियों के साथ हूं। शराबखोरी के शिकार हो रहे बेटों के लिए भी चिंतित हूं। उनकी इज्जत व जान पर खेलकर हम राजस्व कमा रहे हैं, इस पर शर्मिदा भी हूं। उन्होंने कहा कि भाजपा की छत्तीसगढ़ व दिल्ली राज्य इकाइयां शराब नीति के विरोध में उतर आए हैं’’।
सरकार से टकराव को लेकर फिर चर्चा में
मध्यप्रदेश की राजनीत में उमा भारती के तेवरों को शिवराज सरकार से टकराव माना जा रहा है। पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा कि शनिवार से चैत्र नवरात्र शुरू हो रही हैं। शुक्र वार को मध्यप्रदेश में नई शराब नीति लागू हो गई है। इसमें लोगों को ज्यादा शराब कैसे पिलाई जा सके, अहातों में ज्यादा शराब कैसे परोसी जा सके, इस व्यवस्था को निश्चित किया है। इसका विरोध किया जा रहा है। उमा भारती कई बार राज्य में शराबबंदी की मांग कर चुकी हैं। 13 मार्च को राजधानी के आजाद नगर में शराब दुकान को उन्होंने निशाना बनाया था। यहां समर्थकों व महिलाओं के साथ शराब दुकान में घुसकर पत्थर से बोतलें तोड़ दी थीं। कांग्रेस ने इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश भी की। इसके बाद में उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर सफाई दी थी और पत्र में कहा था कि महिलाओं का दर्द सुनने के बाद गुस्से में आकर उन्होंने पत्थर मारा था।
जबलपुर में शराब दुकान हटाने महिलाओं का प्रदर्शन
उमा भारती के शराबबंदी आंदोलन का इफेक्ट जबलपुर में दिखा।पेंटी नाका पर महिलाओं ने शराब दुकान हटाने जोरदार प्रदर्शन किया।
