Type Here to Get Search Results !

रिजव्रेशन, रोटेशन, परिसीमन-2023 तक टलती जाएगी पंचायत व नगरीय निकाय चुनाव की टेंशन

कानूनी पेंच में उलङो मामले, भाजपा सरकार में भी ‘अभी चुनाव नहीं ’ के झमेले 

भोपाल। विधानसभा चुनाव-2023 के मिशन में बूथ स्तर तक सक्रिय भाजपा सरकार और संगठन पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव को हालातों की कसौटी पर कसने के बाद विधानसभा चुनाव के बाद ही कराने के मूड में है। अभी सब कुछ साफ नहीं है, लेकिन बैठक-मंथन से निकली बात में यह भी माना जा रहा है कि ज्यादातर रणनीतिकार अभी चुनाव नहीं के झमेले में पड़ना नहीं चाहते। खास बात ये कि ओबीसी रिजव्रेशन, रोटेशन और परिसीमन के मामलों में उलङो कानूनी पेंच से चुनाव टलते जाने की संभावना है। 

 27 प्रतिशत रिजव्रेशन में भाजपा-कांग्रेस का दांव बराबर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत चुनाव सहित नगरीय निकाय के चुनाव में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण मामले में सियासी नफा-नुकसान का गणित कांग्रेस और भाजपा दोनों में बराबर के नंबर दे सकता है। कांग्रेस का दावा है कि उसकी कमलनाथ सरकार ने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की शुरुआत की, वहीं भाजपा इस मामले में अपनी प्रतिबद्धता का दावा कर इस वर्ग के जरिए चुनाव जीतना चाहती है। उधर, नगरीय निकाय चुनाव में आरक्षण का मामला कोर्ट में है और पंचायत चुनाव में रोटेशन, परिसीमन के साथ ही ओबीसी आरक्षण कानूनी पेंच में उलझा है। कमलनाथ सरकार में पंचायतों का परिसीमन पुन: सत्ता में आई शिवराज सरकार ने निरस्त कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि कोर्ट में कानूनी दांव-पेंच से बाहर आने के बाद चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने में कम से कम एक साल का वक्त लग सकता है और अगले साल विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में सरकार कोई जोखिम लेना नहीं चाहेगी और पंचायत व नगरीय निकाय के चुनाव विधानसभा चुनाव 2023 के बाद ही हो सकेंगे। 

पचमढ़ी में शिवराज कैबिनेट के मंथन में भी चर्चा नहीं

 हाल ही में पचमढ़ी गई शिवराज कैबिनेट के मंथन में जहां 2023 का रोड मैप तैयार किया गया, वहीं दिग्गजों के मंथन में पंचायत व नगरीय निकाय चुनाव पर चर्चा नहीं हुई। सूत्र बताते हैं कि एक मंत्री ने पांच राज्यों के चुनाव में मिली जीत का हवाला देकर तर्क दिया कि इस समय माहौल भाजपा के पक्ष में है इसलिए नगरीय निकाय चुनाव कराए जा सकते हैं, तब यह कहते हुए बात टाल दी गई कि इस पर अलग से चर्चा की जाएगी। वहीं, फिलहाल नगर निगमों के चुनाव में मेयर सीधे कराए जाएं या पार्षदों से चुना जाए, इस पर अभी पार्टी संगठन में भी एक राय नहीं है।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.