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नगरीय निकायों में अटके विकास कार्यो को मिली संजीवनी, सीएम ने ट्रांसफर किए 931.50 करोड़

शिवराज बोले- अच्छा काम करने वाले निकाय व अधिकारी होंगे पुरस्कृत

 भोपाल। नगरीय निकायों में विकास कार्यो के लिए फिलहाल बजट की कमी नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के कार्यो के बेहतर क्रियान्वयन के लिए 931.50 करोड़ नगरीय निकायों को ट्रांसफर किए हैं। सीएम ने कहा है कि मध्यप्रदेश के नगरीय निकाय स्वच्छता सर्वेक्षण में उच्चतम स्टार रेटिंग प्राप्त करने के प्रयास करें तथा प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्ट्रीट वेंडर्स योजना में और अच्छे परिणाम लाने के प्रयास करें। 

10 लाख से ज्यादा आबादी में जबलपुर, भोपाल,इंदौर व भोपाल शामिल

 मुख्यमंत्री चौहान ने 15वें वित्त आयोग की वित्त वर्ष 2021-22 की 931.50 करोड़ की राशि प्रदेश के नगरीय निकायों को सिंगल क्लिक से जारी करते हुए यह बात कही और प्रदेश के मिलियन प्लस नगरों को 432.50 करोड़ रुपए और नॉन मिलियन प्लस नगरों को 499 करोड़ रुपए भेजे गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व वसूली में अधिकांश निकायों ने गत वर्ष की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त किया है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले निकायों एवं अधिकारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दो श्रेणियों के नगर हैं। प्रथम श्रेणी मिलियन प्लस आबादी वाले नगरों की है। प्रदेश में 10 लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले शहरों में भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर शामिल हैं। द्वितीय श्रेणी में 10 लाख से कम जनसंख्या वाले शहर शामिल हैं। मिलियन प्लस शहरों को अनुदान मिलने से वायु गुणवत्ता में सुधार, पेयजल, स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य बेहतर तरीके से होंगे। इस मौके पर नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स के कल्याण, प्रधानमंत्री आवास योजना और जल-संरक्षण के कार्य में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है।

 मानसून से पहले कर लें सड़कों का सुधार कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में पर्याप्त राशि उपलब्ध है। प्रयास करें कि हितग्राहियों को समय से किश्त प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। मानसून आगमन से पहले सड़कों में आवश्यक सुधार करें। प्रदेश के सभी शहरों ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में उत्कृष्ट कार्य से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। अर्बन क्षेत्र के जिन स्ट्रीट वेंडर्स (शहरी पथ विक्रताओं) ने 10 हजार रुपए का ऋण चुकता कर दिया है, उन्हें अब 20 हजार रूपए का ऋण लेने के लिए प्रेरित करें। मिलियन प्लस नगरों को वायु गुणवत्ता सुधार के लिए 131.50 करोड़ और पेयजल, सीवरेज और स्वच्छता के लिए 301 करोड़ रुपए दिए गए हैं। नॉन मिलियन नगरों को स्थानीय विकास कार्य के लिए 199.60 करोड़ और स्वच्छता, सीवरेज, पेयजल और संरक्षण के लिए 299.40 करोड़ दिए गए हैं।

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