भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रलय में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश में पटवारी संवर्ग में 5 हजार 204 नवीन पदों के सृजन की मंजूरी दी गई। साथ ही रीवा, बुरहानपुर और सिंगरौली में 900 करोड़ रुपए से अधिक की सिंचाई परियोजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं से 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने कैबिनेट निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि रीवा में 89 करोड़ 83 लाख रुपये की त्योंथर माइक्रो सिंचाई परियोजना को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की है। परियोजना से त्योंथर तहसील के 52 ग्रामों की 7600 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसी तरह बुरहानपुर जिले में 89 करोड़ 83 लाख रुपए की लागत वाली पांगरी मध्यम (होज) सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है। परियोजना से खकनार तहसील के 10 ग्रामों को भूमिगत पाइप लाइन से सूक्ष्म सिंचाई (होज) पद्धति से सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। सिंगरौली जिले में सिंगरौली एवं माड़ा तहसील के 38 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में भूमिगत पाइप लाइन से उच्च दाब पर सूक्ष्म सिंचाई (स्प्रिंकलर) पद्धति के द्वारा 113 ग्रामों में सिंचाई सुविधा के लिए 672 करोड़ 25 लाख रुपए की रिहन्द सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृति दी गई है।
लंबे समय बाद एमपी में पटवारियों के नये पदों को मंजूरी
कैबिनेट ने पटवारी संवर्ग में 5,204 नवीन पद सृजित करने की स्वीकृति दी। साथ ही प्रति 50 हजार की जनसंख्या पर एक सेक्टर का निर्माण और प्रत्येक सेक्टर पर एक नगर सर्वेक्षक का पद स्वीकृत किये जाने का निर्णय लिया। किसी एक नगरीय निकाय में नगर सर्वेक्षक के कम से कम दो पदों के निर्माण की स्वीकृति दी जाएगी।
