ठेकेदार व अधिकारियों से खुन्नस भुनाने आउटसोर्स कर्मियों की साजिश
जबलपुर। रानी दुर्गावती (एल्गिन) अस्पताल के एसएनसीयू में ऑक्सीजन सिलेंडर से छेड़छाड़ और सप्लाई ब्रेक कर एसएनसीयू में भर्ती 30 नवजात शिशुओं की जान खतरे में डाल दी गई। बच्चों के परिजन और चिकित्सकों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया वरना कई बच्चों की जान चली जाती। बताया जाता है कि इस साजिश के तार अधिकारियों व ठेकेदार से खुन्नस भुनाने एक दिन पहले हंगामा करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ रहे हैं। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन पुलिस में एफआईआर दर्ज कराएगा।
ऑक्सीजन सिलेंडर की चूड़ी टाइट कर दी थी
सोमवार की देर रात नवजात शिशुओं के लिए सप्लाई होने वाली ऑक्सीजन का प्रेशन अचानक कम होने से बच्चों के परिजन अलर्ट हुए और उन्होने चिकित्सक व स्टाफ को इसकी जानकारी दी। आनन फानन एक टेक्निीशियन को बुलाकर चेक कराया गया तो पता चला कि ऑक्सीजन सिलेंडर से गैस लीक हो रही थी और किसी ने उससे छेड़छाड़ करते हुए सिलेंडर के वाल्व की चूड़ी टाइट कर दी थी। इसे तत्काल खोलकर ऑक्सीजन की सप्लाई दुरुस्त की गई। बताया जाता है कि यदि समय पर सतर्कता न बरती होती तो कई नवजात शिशुओं की जान चली जाती। इस घटनाक्रम के बाद मंगलवार की सुबह अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरके खरे ने ऑक्सीजन स्टोर व सप्लाई का जायजा लिया। टेक्नीशियन से चर्चा के बाद यहां की मॉनीटरिंग विशेषतौर पर करने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने चिकित्सकों के साथ बैठक में कहा कि हर वार्ड की कड़ी मॉनीटरिंग की जाए। संदिग्ध व्यक्ति दिखते ही प्रबंधन के साथ पुलिस को इसकी सूचना दी जाए ताकि किसी भी विवाद या साजिशन घटनाक्रम को समय पर रोका जा सके। इस मामले की जांच के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा पुलिस में एफआईआर कराई जाएगी।