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2 साल की नौकरी में खजांची ने पोस्टऑफिस के खजाने में लगाई करोड़ों की हाईटेक सेंध

सॉफ्टवेयर के जरिए खेल करने वाले जावेद अख्तर पर सीबीआई का शिकंजा 

जबलपुर। पोस्टऑफिस के खाताधारकों की जमा रकम को शेयर को बाजार में लगाकर खजांची ने हाईटेक तरीके से खजाने में सेंध लगाकर करोड़ों की चपत लगा दी। सिर्फ दो साल पहले नौकरी में आए जावेद अख्तर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने शिकंजा कसा है। खजांची द्वारा सॉफ्टवेयर का उपयोग कर 2 करोड़ 19 लाख 75 हजार रु पए की चपत पोस्टऑफिस को लगाने की बात सामने आई है। इस घोटाले का खुलासा 17 दिसंबर 2021 को हुआ था। इसकी जांच प्रवर अधीक्षक डाकघर जबलपुर संभाग आरपीएस चौहान द्वारा की जा रही थी। विभागीय जांच के बाद प्रकरण की शिकायत 22 अप्रैल को सीबीआई जबलपुर से की गई थी। सीबीआई ने मामले में 26 अप्रैल को कटनी डाकघर में पदस्थ रहे खजांची भट्टा मोहल्ला कटनी निवासी जावेद अख्तर के खिलाफ अमानत में खयानत, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और छलपूर्वक दस्तावेजों में हेरफेर करने का प्रकरण दर्ज किया है।

 महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी थी जावेद पर

 ट्रेजरी डाक सहायक जावेद अख्तर पर कटनी प्रधान डाकघर लेखांतर्गत उप डाकघरों को नकदी भेजना और प्राप्त करना। कटनी प्रधान डाकघर लेखांतर्गत शाखा डाकघरों को नकदी भेजना और प्राप्त करना। पोस्टमेनों के साथ नकदी लेन-देन। डाक टिकट और डाक स्टेशनरी के स्टॉक का रख-रखाव करना आदि महत्वपूर्ण कामों की जिम्मेदारी रही। जावेद द्वारा एसएपी सॉफ्टवेयर मॉड्यूल में सभी कार्य किए जाते थे। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से टी-सीओडीईजेडएफएफवी 50 का उपयोग करते हुए नकदी भेजा जाता है। जावेद नकदी भेजने के बाद उसी तारीख को संबंधित शाखा डाकघर से प्राप्त दिखाकर टी-सीओडीईएफबी 01 का उपयोग करते हुए उसी शाखा के डाकघर के प्रॉफिट सेंटर के पीओएसबी भुगतान के जीएल में भेजी गई रकम का भुगतान दर्शाकर समायोजन दिखा देता था। इसी तरह उसने 1 करोड़ 73 लाख 70 हजार रु पए का गबन किया। जावेद इसके अलावा कटनी प्रधान डाकघर के प्रॉफिट सेंटर स्थित डीओपी कैश से शाखा डाकघर के प्रॉफिट सेंटर में नकदी भेजना बताता रहा और उसी दिन संबंधित शाखा डाकघर के प्रॉफिट सेंटर में टी-सीओडीईएफबी 01 के माध्यम से स्वयं के यूजर आईडी क्र मांक 10087826 का उपयोग का सीधे एसबी निकासी के जीएल में रकम पोस्ट कर देता था। इस समायोजन से उसने 18 लाख 55 हजार रु पए का गबन किया। जावेद अख्तर पीओएस बैक ऑफिस कैश से पीओएसबी भुगतान कर समायोजन दर्शा देता था। इस तरह से उसने 27 लाख 50 हजार रु पए का गबन किया।

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