शहर को नंबर 1 बनाने जेएमसी ने लगाई ताकत
जबलपुर। स्वच्छता सव्रेक्षण-2022 के लिए दिल्ली से आई विशेषज्ञों की टीम ने आज सुबह से कई स्थानों का भ्रमण कर स्वच्छता रैंकिंग के लिए आकलन किया। इससे पहले भी कल टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छता रैंकिंग के लिए निर्धारित मानकों के आधार पर वास्तविक हालात और फोटो-वीडियो बनाकर प्रमाण जुटाए। खास बात ये कि दिल्ली से आई टीम गोपनीय तरीके से आकलन कर रही है, वहीं नगर निगम के अधिकारियों ने उनके संभावित और भ्रमण करने वाले क्षेत्रों की जानकारी किसी को नहीं दी। टीम ने सफाई व्यवस्था देखने के साथ ही नागरिकों से फीड बैक लिया।
देर रात तक सफाई
स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 को लेकर इस बार नगर निगम कमिश्नर आशीष वशिष्ठ ने अमले में कसावट रखते हुए देर रात तक शहर में सफाई पर फोकस किया। जिसका नतीजा है कि जिन इलाकों में कभी झाडू नहीं लगती थी वहां सफाई होने लगी। हालांकि शहर के कई मोहल्ले ऐसे हैं जहां सफाई कर्मियों की लापरवाही सामने आ रही है। बताया जाता है कि 4 सदस्यीय स्वच्छता सव्रेक्षण टीम की 4 सदस्य टीम ने जबलपुर पहुंचने के बाद सफाई के बारे में आम लोगों से फीडबैक लिया, इसमें ओडीएफ के बिंदु पर भी सव्रे किया जा रहा है।जानकारों के अनुसार स्वच्छता सर्वेक्षण में कुल 7 हजार 5 सौ अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 3 हजार अंक डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर मिलेंगे। इसी डिजिटल ट्रैकिंग के लिए दिल्ली टीम शहर पहुंची है। टीम के सदस्य अलग-अलग लोकेशन की तस्वीरें भी मोबाइल फोन में कैद कर रहे हैं। सफाई मित्र, सुरक्षा स्टार रेटिंग पर 2250 और सिटीजन फीडबैक पर भी 2250 अंक निर्धारित किए गए हैं। स्टार रेटिंग के लिए टीम कठौंदा स्थित प्लांट भी जाएगी। नगर निगम के अधिकारी रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हैं ताकि उसे डाक्यूमेंट के साथ संलग्न किया जाए और शहर को सफाई में नंबर 1 बनाने का दावा किया जा सके।
