पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बार फिर अधिकारियों को दी चेतवानी
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने एक बार फिर सरकारी अफसरों और कर्मचारियों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो भाजपा का बिल्ला जेब में रखकर काम कर रहे हैं उन्हें भूलेंगे नहीं, उनसे 16 महीने बाद हिसाब लिया जाएगा। यह बात उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित ओबीसी के सम्मेलन में कही। कमलनाथ ने कहा कि भाजपा की सरकार प्रशासन और पुलिस का दुरुपयोग कर रही है, ये समझ जाएं कि अब 16-17 महीने ही बचे हैं। प्रशासन से पूरा हिसाब लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक-एक कार्यकर्ता की आवाज सुनी जाएगी। इसलिए इनके दबाव में नहीं आएं। इस सम्मेलन में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और राज्यसभा सदस्य राजमणि पटेल सहित पिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह यादव एवं प्रदेश प्रभारी सत्य नारायण मागरोरा भी मौजूद थे।
भाजपा ने गुमराह किया, ओबीसी को हमने दिया 27 प्रतिशत आरक्षण
सम्मेलन में कमलनाथ ने दावा किया है, उनकी 15 महीने की सरकार में पिछड़ा वर्ग के हित में कई निर्णय लिये गए। कांग्रेस सरकार ने ओबीसी का आरक्षण 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत आरक्षण करने का निर्णय लिया गया, ताकि पिछड़ा वर्ग के युवाओं को रोजगार उनकी आबादी के प्रतिशत के अनुसार मिल सके, जबकि भाजपा ने सिर्फ ओबीसी को गुमराह किया। वहीं इस विभाग के प्रदेश अध्यक्ष राजमणि पटेल ने कहा कि कांग्रेस ओबीसी को उनका हक दिलाने के लिए संघर्ष करेगी।
खरगौन व दिल्ली के दंगे भाजपा की साजिश
इससे पहले कमलनाथ ने मीडिया से चर्चा करते आरोप लगाया कि दिल्ली और खरगौन में हुई हिंसा भाजपा की साजिश है और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाना चाहिए। उन्होने कहा कि बेरोजगारी व महंगाई से ध्यान हटाने के लिए भाजपा हिंसा करा रही है। दिल्ली, खरगोन और देश के कई जगहों पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के लिए भाजपा जिम्मेदार है।
