भारी पुलिस बल और जेसीबी लेकर पहुंचे एसडीएम-तहसीलदार
जबलपुर। दमोहनाका क्षेत्र के शांतिनगर में बुधवार की सुबह बुल्डोजर का हल्ला मचा। जिला प्रशासन ने लगभग 15 करोड़ रुपए की बेशकीमती सरकारी जमीन से भू-माफिया के कब्जे हटा दिए। लाव-लश्कर और पुलिस-प्रशासन की टीम सहित पहुंचे एसडीएम कोतवाली नम: शिवाय अरजरिया के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। यहां भू-माफिया द्वारा कर लिए गए अवैध निर्माण को हटाने प्रशासन ने जेसीबी मशीन लगा कर निर्माण तोड़ दिया। मौके पर विवाद की आशंका को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा । इसके साथ ही अवैध रुप से कब्जा करने वालों के खिलाफ कानूनी लिखा-पढ़ी भी शुरु कर दी गई है। बताया जा रहा है कि इन जमीनों पर हो रही अनैतिक गतिविधियों की सूचना जिला प्रशासन को मिलने पर की गई जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। मौके पर गोहलपुर पुलिस थाना स्टाफ और बल सहित तहसीलदार राजेश सिंह, नायब तहसीलदार संदीप जायसवाल आदि की मौजूदगी में कार्रवाई चल रही है। इस दौरान कब्जा करने वाले अपने कागज आदि भी प्रशासनिक अधिकारियों को दिखाने पहुंचे, लेकिन प्रशासन का कहना था, कि यह जमीन सरकारी है और न कभी बेची गई न कभी कोई निर्माण की परमीशन दी गई है।
उद्योग विभाग की जमीन पर आसिफ ने किया तीन बार कब्जा
शांतिनगर क्षेत्र में सरकारी उद्योग विभाग की जमीन पर किए गए ऐसे तीन कब्जे हटाए गए हैं। इसमें से उद्योग विभाग की जमीन पर लगभग दस हजार वर्गफीट पर आसिफ नामक व्यक्ति द्वारा कब्जा कर बाउंडरी वॉल और सड़क बना ली गई थी। बताया जा रहा है, कि आसिफ ने ऐसा तीसरी बार किया है, इसके पहले भी दो बार उसके कब्जे से सरकारी जमीन मुक्त कराई जा चुकी है। गौशाला के नाम पर कब्जा कर लिया राजेश खटीक ने ........... इसी तरह राजेश खटीक नामक व्यक्ति ने इसी से लगी हुई सरकारी जमीन पर तीन हजार वर्गफीट का एरिया कब्जा कर गौशाला बना दी। बताया जा रहा है, कि यहां पर अनैतिक गतिविधियां भी चल रहीं थीं। यहां कब्जा करने वालों ने जबरन कच्चा-पक्का निर्माण कर गौशाला बना रखी थी, जिसे जेसीबी मशीन से आज तोड़ा गया है।
पचौरी पेट्रोल पम्प का प्लॉट कहीं निर्माण कहीं
उधर इसी क्षेत्र में एक जमीन ऐसी मिली जिसका प्लॉट कहीं और बताया जा रहा है और निर्माण कहीं और निकल रहा है। यह कब्जा पचौरी पेट्रोल पम्प का निकला। पूछे जाने पर पम्प वालों का कहना था, कि उन्हें यह बना बनाया पक्का मकान ही बेचा गया है। प्रशासन की जांच में यह भी सरकारी जमीन पर बिना परमीशन बनाने का मामला निकला। इस पर प्रशासन की टीम ने यहां पर भी बुल्डोजर चला दिया।