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एमपी बजट : न कोई टैक्स बढ़ाया और न कोई नया लगाया, जबलपुर में चाजिर्ग स्टेशन व आईटी पार्क

पहली बार चाइल्ड बजट लाया गया, पिछले वर्ष की तुलना में 13% अधिक राजस्व वसूली का अनुमान

 भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने 2022-23 का बजट पेश किया। शिवराज सरकार के बजट में इस बार कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया और न ही टैक्स बढ़ाया गया। जबलपुर में चाजिर्ग स्टेशन खुलने, उद्योग-पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही गई है। शहर में डेरी, टिम्बर और पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए प्रावधान किए गए हैं। मेडिकल-नर्सिग की सीटें बढ़ाए जाने की घोषणा का लाभ भी जबलपुर को मिलेगा। 

52 हजार 511 करोड़ का राजकोषीय घाटा

बजट के अनुसार राजकोषीय घाटा 52 हजार 511 करोड़ रुपए का घाटा। कुल प्राप्ति 2 लाख 49 हजार 152 करोड़ रुपए और व्यय 2 लाख 47 हजार 715 करोड़ रुपए। वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए बताय वर्तमान वित्तीय वर्ष में लोक निर्माण विभाग द्वारा अब तक लगभग 2 हजार 200 किलोमीटर का सड़क निर्माण व उन्नयन, तथा 1 हजार 150 किलोमीटर सड़क का नवीनीकरण कार्य किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 21 वृहद पुल तथा रेल्वे ओव्हर ब्रिज भी पूर्ण किये गये हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट प्रस्ताव में लगभग 3 हजार किलो मीटर के नवीन सड़क कार्य, लगभग 1 हजार 250 किलोमीटर का सड़क नवीनीकरण कार्य तथा 88 नवीन पुल निर्माण सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा मुङो सदन को अवगत कराते हुये हर्ष है कि अटल प्रगति पथ का कार्य प्रारंभ हो गया है। माँ नर्मदा के उद्गम स्थल से प्रारंभ होकर अंतिम छोर तक नर्मदा प्रगति पथ का निर्माण भी किया जायेगा। ये पथ, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में आर्थिक विकास के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

 बिल्डिंग डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड का गठन

 शासकीय भवनों के निर्माण की गति बढ़ाने के लिए एक नवीन कंपनी मध्यप्रदेश बिल्डिंग डेव्हलपमेंट कापोर्रेशन लिमिटेड का गठन किया गया है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पृथक से क्वालिटी एश्योरेंस काउंसिल का गठन प्रस्तावित है।

 आत्मनिर्भर एमपी का रोडमैप तैयार

वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कोविड के समय प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के आव्हान से प्रेरित होकर हमारी सरकार ने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमेप 2023 तैयार किया। इस रोडमैप के तहत प्रदेश के विकास की परिकल्पना के चार प्रमुख आधार स्तंभ हैं। पहला: भौतिक अधोसंरचना, दूसरा: अर्थव्यवस्था एवं रोजगार, तीसरा: स्वास्थ्य एवं शिक्षा तथा चौथा: सुशासन। सरकार के इस कार्यकाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 17 हजार करोड़, फसल उपार्जन में लगभग 66 हजार 684 करोड़, शून्य प्रतिशत दर पर फसल ऋण लगभग 30 हजार करोड़ दिया है। 

सियासी चश्मे की बजट पर अलग नजर

. सियासी चश्मे से देखें तो एक बार फिर विरोधियों ने बजट का विरोध किया तो समर्थकों ने समर्थन कर दिया। प्रदेश सरकार द्वारा पेश बजट को बुद्धिजीवियों ने आशा वाला बजट के रूप में आंका, तो आम नागरिकों ने इसे महंगे-सस्ते के चश्मे से देखा। अर्थशास्त्र में थोड़ा रुचि रखने वाले वर्ग देश की वित्तीय स्थिति और भविष्य के हिसाब से इसका आंकलन किया। बजट को बजट के तरीके और निष्पक्षता से देखने का साहस बहुत कम पॉलिटीशिन कर पाते हैं।

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