एसपी के पास पहुंचे युवक के परिजन, बताया-कई लोग हो चुके शिकार
जबलपुर। रईस घरानों के युवकों को खूबसूरती और हुस्न के जाल में फसाकर ब्लैकमेल करने और लाखों की डिमांड पूरी न होने रेप की एफआईआर दर्ज कराने वाली एक ऐसी हनी ट्रैप गैंग का खुलासा हुआ है, जिसने शहर के कई युवाओं को हुस्न के जाल में फांसकर होटल, रिसॉर्ट और सूने मकान में बुलाकर मुलाकात करने के बाद बलात्कार की एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देकर चल-अचल संपत्ति की डिमांड कर चूना लगाया। एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा के पास पहुंच एक पीड़ित युवक के परिजनों ने बताया कि इस गैंग में कुछ वकील भी शामिल हैं जो पुलिस थाने जाकर दबाव बनाते हुए रेप की एफआईआर दर्ज कराते हैं। बदनामी और एफआईआर का डर दिखाकर यही लोग सेटलमेंट करा देते हैं। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की जांच का जिम्मा महिला थाना प्रभारी को सौंपा है।
डिमांड पूरी न करने पर रेप की एफआईआर और ब्लैकमेलिंग का खेल
एसपी के पास शिकायत करने पहुंचे पीड़ित और कुछ पीड़ित लड़कों के परिजनों ने लिखित शिकायत में बताया कि घमापुर क्षेत्र की रहने वाली एक युवती शहर के कई लड़कों को हुस्न के जाल में फांसकर ब्लेकमेल कर चुकी है। एसपी से शिकायत करने पहुंचे लोगों ने यह भी बताया कि युवती के साथ कुछ और लोग भी शामिल हैं, जो खुद को एडवोकेट बताते हैं। शातिर युवती मेलजोल बढ़ाती है फिर रेप का आरोप लगाकर लाखों रु पए की डिमांड करती है। अब तक इस गिरोह ने कई युवकों को अपना शिकार बनाया है। गैंग का ताजा शिकार 30 वर्षीय आदर्श नगर का रहने वाला युवक बना। युवक और उसके परिवार से 15 लाख रुपए की मांग की गई, रकम न देने पर धारा 376 की एफआईआर दर्ज करा दी गई। शिकायतकर्ताओं ने एसपी से सिलसिलेवार एक-एक घटना के बारे में बताया।
केस -1 ...हनी ट्रैप के खेल की शुरूआत होती है 2016 में। तब घमापुर में विकास रामख्यानी नाम के व्यवसायी को इस युवती ने अपने हुस्न के हंटर से डराया और फिर रेप का प्रकरण दर्ज करा दिया। युवक को अंतत: मजबूरी में उससे शादी करनी पड़ी। उसकी सारी संपत्ति हड़पने के बाद युवती ने डिंडोरी में पुन: रेप का प्रकरण दर्ज करा दिया था।
केस-2 ...युवती का दूसरा शिकार बना कानपुर का चर्चित व्यवसायी अर्चित सलूजा। सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती करके उसने अर्चित को फंसाया और फिर साथी मनीष मेघवानी के साथ मिलकर 40 लाख रु पए की मांग की। पैसे नहीं मिले तो उसने अपनी गैंग के तथाकथित वकीलों के साथ मिलकर महिला थाने में रेप का प्रकरण दर्ज करा दिया। अर्चित ने हुस्न परी और मनीष मेघवानी के खिलाफ कानपुर की कोर्ट में परिवाद दायर किया था।
केस-3 ..हुस्न के हंटर का तीसरा शिकार बना विकास समतानी। युवती ने तिलवारा थाने में 2021 में रेप का केस दर्ज कराया। विकास समतानी से भी 20 लाख रु पए की मांग की गई थी। रुपए नहीं मिले तो उसे भी रेप के केस में फंसा दिया गया।
केस-4 .. चौथा शिकार बना आदर्श नगर का मोहित डुडेजा नाम का युवक। बेकरी कारोबारी परिवार से जुड़े मोहित से दोस्ती कर युवती ने संबंध बनाए। इसके बाद ब्लैकमेल करने लगी। युवती मोहित पर 15 लाख रु पए देने का दबाव डाल रही थी। आखिर में उसने गोरखपुर थाने में रेप का केस दर्ज करा दिया।
