मनमाना किराया मांगने पर बाहर से बुला दी थी सस्ती एम्बुलेंस,वार्ड के अंदर घुसकर दो दर्जन एम्बुलेंस चालकों ने किया हमला
जबलपुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित शहर के तमाम निजी अस्पतालों में एम्बुलेंस मालिकों-चालकों की मनमानी गुंडागर्दी में तब्दील हो गई है। वार्ड नं.16 में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद उसे नरसिंहपुर जिले ले जाने एम्बुलेंस के किराया में एम्बुलेंस चालकों के सिंडीकेट ने मनमान किराया मांगा और कुछ ही देर में मृतक मरीज के पास वाले बेड पर भर्ती महिला के बेटे ने सस्ते में एम्बुलेंस उपलब्ध कराने मदद क्या कर दी, दो दर्जन से अधिक एम्बुलेंस चालक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में घुस गए और महिला मरीज के बेटे की वार्ड में ही पिटाई कर दी। इसी दौरान युवक की मां के ऊपर एक हमलावर गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई। इस विवाद के कारण पूरी रात हंगामा मचा रहा और पुलिस ने मोर्चा संभाला तब स्थिति शांत हुई।
गिरोह का किराया 8 हजार, इससे कम में कोई जाने तैयार नहीं
गढा पुलिस ने बताया कि नरसिंहपुर की चीचली निवासी फूला बाई अहिरवार को लीवर से संबंधित बीमारी के कारण बेटा हेमराज 12 मार्च को मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराने लाया था। फूलाबाई का वार्ड नंबर 16 में इलाज चल रहा था। रविवार को उनके पड़ोस वाले बेड में भर्ती मरीज की मौत हो गई। मृतक के परिजन शव को ले जाने एम्बुलेंस वाले से बात करने मेडिकल परिसर में खड़े एम्बुलेंस चालको से बात कर रहे थे। उन्हें एक के बाद एक सभी ने 8 रुपए किराया मांगा। रकम ज्यादा थी और मृतक के परिजनों के पास इतना पैसा नहीं था। दरअसल, मेडिकल अस्पताल परिसर में और बाहर खड़े रहने वाले एम्बुलेंस चालकों में संगठननुमा गिरोह बना हुआ है और कोई मरीज उनके मनमाने किराए के अलावा किसी और से बात नहीं कर सकता। मृतक के परिजन निराश होकर वार्ड में वापस लौट आए।
मदद करके फंस गया हेमराज, गंवा दी मां की जान
मृतक के परिवार की परेशानी जानकर महिला मरीज फूला बाई का बेटा हेमराज मदद के लिए आगे आया और उसने अपने किसी परिचित से बात कर 4 हजार रु पए में एम्बुलेंस तय करा दी। हालांकि परिवार वालों के कहने पर बाहरी एम्बुलेंस वाला 3300 रु पए में तैयार हो गया। इसके बाद परिवार वालों ने मेडिकल परिसर वाले एम्बुलेंस चालक को मना कर दिया। इससे एम्बुलेंस चालकों का गिरोह और अस्पताल में काम करने वाले ठेका कर्मी नाराज हो गए और पूछने लगे कि तुम्हें एम्बुलेंस किसने उपलब्ध कराई। इसके बाद इस गिरोह के करीब दो दर्जन चालकों ने अस्पताल के अंदर घुसकर मददगार हेमराज की जमकर पिटाई कर दी। इस हमले के दौरान दो एम्बुलेंस चालक पास ही बेड पर पड़ी फूलाबाई के ऊपर गिर गए जिससे उसकी मौत हो गई। इतने बड़े विवाद के दौरान मेडिकल का एक भी सुरक्षाकर्मी युवक को बचाने वार्ड के अंदर नहीं पहुंचा। घटना के काफी देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और रात में ही आला अधिकारियों के निर्देश पर हमलावरों की तलाश शुरू की गई। सीएसपी तुषार सिंह ने बताया कि मृतका का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और इसमें शामिल आरोपी एम्बुलेंस चालकों की तलाश की जा रही है।