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आर्थिक तंगी के बावजूद आरडीयू ने शहर हित में अदा किया नगर निगम का टैक्स

कई सालों से अटका था मामला, कुलपति व वित्त नियंत्रक ने सुलझाया 

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीयू) और नगर निगम के बीच वर्षो से चला आ रहा संपत्ति कर विवाद सुलझ गया है। दरअसल, 2012 से आरडीयू पर नगर निगम का संपत्ति कर बकाया था, जिसमें विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना था कि हम अपने कैंपस की तमाम सुविधाओं को खुद के संसाधनों से मुहैया कराते रहे। उदाहरण के तौर पर सफाई,पेयजल आपूर्ति, सड़क, प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधायों को विश्वविद्यालय अपने व्यय पर करता है। जिसके चलते संपत्ति कर जमा नहीं हो रहा था, लेकिन वर्तमान कुलपति प्रोफेसर कपिल देव मिश्र से नगर निगम के अधिकारियों ने संपर्क किया। जिसके बाद बीच का रास्ता निकाला गया। 

       कुलपति प्रो. कपिल देव मिश्र का कहना था कि शहर हित में विश्वविद्यालय ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन करने के लिहाज से संपत्ति कर के रूप में सहयोग कर रहा है। लिहाजा विश्वविद्यालय प्रशासन ने 28 लाख रुपए की बकाया करों की राशि का चेक कुलसचिव ब्रजेश सिंह एवं वित्त नियंत्रक रोहित सिंह कौशल ने संभाग क्रमांक 11 के राजस्व निरीक्षक नरेन्द्र राजपूत को देते हुए आश्वासन दिया है कि शहर के विकास में विश्वविद्यालय प्रशासन हमेशा तत्पर रहेगा एवं नगर निगम का हर संभव सहयोग करता रहेगा। जेएमसी कमिश्नर आशीष वशिष्ठ ने कहा है कि शहर के सर्वांगीण विकास के लिए करदाताओं का आगे आकर करों का भुगतान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने शहर के सभी करदाताओं एवं शासकीय संस्थानों से अपील की है कि वे अपने बकाया करों की राशि का भुगतान जल्द से जल्द करते हुए शहर विकास में सहभागिता दें। इस अवसर पर डिप्टी रजिस्ट्रार दीपेश मिश्र, फिजिकल विभाग के विभागाध्यक्ष विशाल बन्ने आदि भी उपस्थित रहे।

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