महिला कांग्रेस के विवाद के बाद आलाकमान ले सकता है बड़ा फैसला
भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस मिशन-2023 के मद्देनजर संगठन सहित पार्टी के अहम पदों पर बड़ा फैसला ले सकती है। खबर है कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक को मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभार से मुक्त किया जा सकता है और यूपी चुनाव निपटने के बाद एमपी की कमान प्रियंका गांधी को मिल सकती है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में महिला कांग्रेस कार्यकारिणी विवाद के बाद प्रियंका ने खुद इच्छा जाहिर की है।
छग-राजस्थान से ज्यादा एमपी पर कांग्रेस का फोकस
कांग्रेस हल्कों में ही यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी नेतृत्व का फोकस मध्यप्रदेश पर ज्यादा होगा। एमपी के साथ ही छत्तीसगढ़ और राजस्थान के चुनाव अगले साल होना है और कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार व राजस्थान की गहलोत सरकार ने जनहितैषी सरकार की छवि बनाई है और पार्टी की स्थिति मजबूत है। मध्यप्रदेश में पार्टी को कमजोर भले ही नहीं माना जा रहा, लेकिन यूपी चुनाव की तर्ज पर यहां भी महिला कार्ड चलने की रणनीति बनाई जा रही है। इसी बीच यूपी चुनाव प्रचार में जबलपुर से गई एक महिला कांग्रेस नेता ने अर्चना जायसवाल की नियुक्ति और कार्यकारिणी गठन के विवाद की विस्तृत जानकारी प्रियंका गांधी वाड्रा को दी और बताया कि महिला संगठन इन हालातों में सक्रिय नहीं हो सकता।
मुकुल वासनिक प्रदेश प्रभारी रहते समय नहीं दे पाए
ऐसा कहा जाता है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक प्रदेश प्रभारी के तौर पर मध्यप्रदेश कांग्रेस को समय नहीं दे पाए। मुकुल वासनिक को अप्रैल 2020 में प्रदेश कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया था तब से वे दो साल में प्रदेश में सक्रियता नहीं दिखा सके। इसके चलते कार्यकर्ताओं को भी वे समय नहीं दे सके। इसके चलते माना जा रहा है कि यूपी चुनाव से फ्री होने के बाद पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी मध्यप्रदेश में सक्रियता बढ़ाएंगी और वासनिक की छुट्टी हो सकती है।