जबलपुर। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने 27 साल पहले नगर निगम कमिश्नर रहे के एस दुग्गल, तत्कालीन सब इंजीनियर सहित फर्जीवाड़े में शामिल रहे जमीन के खरीददारों पर एफआईआर दर्ज की है। प्रकरण नेपियर टाउन स्थित 9 सौ वर्गफुट जमीन की लीज रिन्यू कराने में फर्जीवाड़ा और अधिकारियों के भ्रष्टाचार से जुड़ा है जिसमें सांठगांठ से लीज रिन्यू कराने के बाद जमीन 1693 वर्गफुट हो गई।
फर्जीवाड़ा कर प्लाट का नक्शा भी पास करा लिया
ईओडब्ल्यू एसपी देवेंद्र प्रताप सिंह राजपूत ने बताया कि भोपाल मुख्यालय से शिकायत मिली थी। इस मामले की जांच एसआई कीर्ति शुक्ला कर रही हैं। जांच में पता चला कि बलवंत कौर का नगर निगम प्लाट नबंर 69 भंवरताल एक्सटेंशन में मकान है। उन्होंने मकान में से एक ब्लॉक 900 वर्गफीट का एरिया आरोपी मालती राय को 8 फरवरी 1979 को बेचा था। मालती राय ने उक्त मकान को फर्जी दस्तावेज तैयार कर तत्कालीन नगर निगम अधिकारियों से सांठगांठ कर 1693 वर्गफीट प्लाट एरिया दर्शा कर लीज का नवीनीकरण और नामांतरण करवा लिया। इसके बाद उसे 3 जनवरी 2019 को 81 लाख रु पए में नितिन पहूजा और अन्य को बेच दिया। आरोपी मालती राय ने मकान बेचने के बावजूद झूठा शपथ पत्र देकर भवन बनाने की अनुमति प्राप्त कर ली, जबकि नगर निगम जबलपुर के आदेश दिनांक 31 मई 1978 की अवहेलना कर 25 जनवरी 2020 को भवन बनाने की अनुमति प्राप्त कर ली।
जांच में पता चला कि शासन के राजस्व को लगा चूना
आरोपियों नितिन पाहूजा, दीपक खत्री, विनोद प्रेमचंदानी ने फर्जी तरीके से भवन बनाने की अनुमति प्राप्त करने के बाद पूर्व से निर्मित मकान को तोड़कर फिर से निर्माण करा लिया। इस फर्जीवाडा से शासन को राजस्व के तौर पर 12 लाख 15 हजार रु पए का नुकसान हुआ। वहीं 793 वर्गफीट अपंजीकृत रकबा पर लगने वाले स्टॉम्प ड्यूटी न देकर राज्य सरकार को अलग से राजस्व की क्षति पहुंचाई। ईओडब्ल्यू ने आरोपी शील भवन नेपियर टाउन मोहित कॉम्प्लेक्स निवासी मालती माला राय, छोटी ओमती निवासी नितिन कुमार पाहुजा, दत्त इनक्लेव गीतांजलि विद्यालय के पास नेपियर टाउन निवासी विनोद प्रेमचंदानी, कचनार सम्भार आनंद सिनेमा रोड नेपियर टाउन निवासी दीपक खत्री, तत्कालीन नगर निगम कमिश्नर केएस दुग्गल, तत्कालीन सहायक यंत्री एके रेजा, उपयंत्री बीके दुबे के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया है।