लखन, संजय एवं विनय ने कहा-बेरोजगारी महंगाई पर गंभीर नहीं सरकार
जबलपुर। प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर पार्टी के विधायक आक्रामक हो रहे हैं। प्रेस कांफ्रेंस में राज्य की शिवराज सरकार के बजट में जबलपुर व महाकोशल की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया, विधायक संजय यादव व विनय सक्सेना ने कहा कि प्रदेश सरकार और जबलपुर सांसद राकेश सिंह उनके क्षेत्रों में प्रस्तावित विकास कार्यों को अटका रहे हैं। कांग्रेंस सदन से लेकर सड़क तक इसका विरोध करेगी।
बेतुका जवाब, चरगवां का मिनी स्टेडियम कटनी चला गया: संजय
बरगी विधायक संजय यादव ने बताया कि 103 आदिवासी बहुल गांवों के लिए उपयोगी बरगी-चरगवां उदवहन सिंचाई परियोजना को प्रदेश सरकार ने खारिज कर दिया। बेतुके जवाब में कहा गया कि वहां पंप से सिचाई की जा सकती है। शहपुरा-भिटौनी स्थित अमन ढाबा से शहपुरा की तीन किमी की 740 लाख की प्रस्तावित सडक के लिए बताया गया कि पैसे ही नहीं है। बरगी को तहसील का दर्जा नहीं दिया। शहपुरा के 137 गांव में नर्मदा का पानी पहुंचाने की योजना को रोक दिया गया। संजय यादव ने कहा कि चरगवां में 10 करोड़ की लागत वाला मिनी स्टेडियम को कटनी चला गया। बरगी नगर में अस्पताल बनवाया। डॉक्टर मांगा तो बोले कि ये अस्पताल है ही नहीं। हमने भवन बनवा दिया तो फिर से बिल्डिंग मंजूर कर दी। इस भवन को चरगवां में करने को कहा तो मना कर दिया। 13 एकड़ में 28 करोड़ की लागत से आदिवासी कन्या शिक्षा परिषद स्वीकृत कराया। दो साल से चालू नहीं हो पाया। आदिवासियों के लिए दो करोड़ का भवन बनना था, उसे भी रोक रखा है।
हजारों की संख्या में सरकारी पद खाली, फिर भी बेरोजगारी भारी: सक्सेना
कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना ने कहा कि प्रदेश सरकार के बजट में रोजगार की सच्चाई ये है कि एमपी में केंद्र सरकार के आंकड़ों में 1.30 करोड़ बेरोजगार हो गए दो साल में। एमपी के आर्थिक सर्वेक्षण में 36 लाख बेरोजगार हो गए। हर साल 5 लाख के लगभग बेरोजगार बढ रहे हैं। 65 हजार पद सरकारी खाली पडे हैं। 5 हजार डॉक्टर, 1 लाख अतिथि शिक्षक कम कर दिए। आंगनबाड़ी के 30 हजार पद खाली हैं।
2 हजार स्कूल बंद कर सीएम राईज स्कूल खोले जा रहे: लखन
पूर्व मंत्री व पूर्व क्षेत्र के विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि सीएम राईज स्कूल के नाम पर 300 खोले जा रहे हैं और इसके बदले में दो हजार बंद कर दिए। 55 हजार स्कूलों को पंतजली को प्राइवेटाइजेशन में दे रहे हैं। 22 हजार करोड़ रु पए ऐसी कंपनियों को दे रहे हैं, जिससे पिछले 10 साल से बिजली नहीं खरीद पा रहे हैं। आत्मनिर्भर हैं बिजली में तो कृषि में 24 घंटे क्यों नहीं दे रहे हैं। घनघोरिया ने कहा कि कांग्रेस विधायकों के जनिहतैषी कार्यों को राजनीतिक दुर्भावना से रोका जा रहा है। हम विधानसभा में इसका विरोध कर रहे हैं और नहीं सुना गया तो सड़क पर जनता के साथ विरोध करेंगे। -