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मेडिकल में गंदगी देख कलेक्टर भड़के, कचरे के ढेर में खुद दिखाया बायोवेस्ट

वार्ड में घुसकर मारपीट व महिला की मौत के जिम्मेदार एम्बुलेंस वालों पर गढ़ा पुलिस ने दर्ज किया गैर इरादतन हत्या का केस 

जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में एम्बुलेंस गिरोह की गुंडागर्दी और महिला की मौत के बाद मंगलवार को निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर इलैयाराज टी पेईंग वार्ड के पास मेडिकल बायो वेस्ट व यहां-वहां बजबजाती गंदगी देखकर भड़क गए। उन्होने सफाई ठेका कंपनी के सुपरवाइजर को तलब करने के बाद खुद डंडे से कचरे में बायो वेस्ट दिखाया और कहा कि इसका निष्पादन क्यों नहीं किया जाता। वे जब बायोबेस्ट सेंटर पहुंचे तो वहां नमकीन के खाली पैकेट, शराब की खाली बोतलें देख जमकर फटकार लगाई। उन्होंने अधीक्षक को आदेशित किया कि संबंधित ठेका कंपनी पर पैनल्टी लगाएं। साथ ही सुपरवाइजर को फटकार लगाते हुए पूछा कि इस अव्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि अस्पताल कैम्पस में मवेशी , आवारा कुत्ते नहीं दिखना चाहिए। ये जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी। 

ओपीडी में डॉक्टरों से बोले- यहां तो ड्रेस कोड का पालन करो

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल का स्टोर रूम भी देखा। वे यह देखकर आश्चर्य चकित हुए कि वहां भारी मात्र में कबाड़ एकत्र किया गया है। इस संबंध में अधिकारियों से पूछताछ कर उन्होने निर्देश दिए कि इसकी विधिवत नीलामी प्रक्रिया पूरी कर कबाड़ हटाया जाए। कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के निरीक्षण के दौरान फीमेल ओपीड़ी में रखी डस्टबिन को देखकर सिस्टर से कहा कि आपको पता होने चाहिए कि मेडिकल बायोवेस्ट के लिए क्या करना है। इसके बाद बाथरूम में सीपेज और दीवालों पर गंदगी देख कहा कि इसे तत्काल दुरुस्त कराने की कार्रवाई शुरू करें। ओपीडी में मिले डॉक्टरों से कलेक्टर ने कहा कि आप लोग ड्रेसकोड में क्यों नहीं आते हैं। कम से कम ओपीडी में ड्रेस कोड का पालन करिए। इस मौके पर कॉलेज के डीन डॉ प्रदीप कसार, अधीक्षक डॉ अरविन्द शर्मा सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। 

एम्बुलेंस वाले गायब, डीन ने देर रात सबको खदेड़ा 

मेडिकल में कलेक्टर के निरीक्षण की खबर मिलते ही वहां से एम्बुलेंस वाले गायब हो गए। निरीक्षण के दौरान परिसर में उन्हें एक भी निजी एम्बुलेंस नहीं मिली, लेकिन कैजुअल्टी के सामने खड़ी गाड़ियों को देखकर पाकिर्ंग ठेकेदार को मौके पर तलब कर हिदायत दी कि उनका काम सिर्फ पैसा वसूलना नहीं है। गाड़ियों को व्यवस्थित पार्क करने के साथ ये व्यवस्था भी करना है कि मरीजों को लाने ले जाने वाली एम्बुलेंस को यहाँ मरीजों को उतारने में और ले जाने में समस्या का सामना न करना पड़े। इससे पहले देर रात को डीन डॉ प्रदीप कसार ने मेडिकल परिसर से एम्बुलेंस वालों को खदेड़ने देर रात तक कार्रवाई की।

 मेडिकल के सीसीटीवी कैमरे थे बंद, नहीं मिले फुटेज

 एम्बूलेंस माफिया के गुर्गो द्वारा मेडिकल अस्पताल में मां-बेटे के साथ की गई मारपीट के मामले में गढ़ा पुलिस ने आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या के प्रयास का अपराध पंजीबद्ध करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने 3 संदेहियों को हिरासत में लिया है। पुलिस हिरासत में आरोपियों से वारदात में शामिल युवकों के संबंध में पूछताछ चल रही है। सीएसपी तुषार सिंह ने बताया कि पीड़ित हेमराज अहिरवार के बयान और प्राथमिक जांच के बाद आरोपियों पर धारा 304, 304ए, 323, 294,34 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। मेडिकल अस्पताल के वार्ड क्रमांक 16 में हुई वारदात की जांच करने मौके पर पहुंची पुलिस ने वारदात में शामिल आरोपियों की सही पहचान और संख्या की पुष्टि के लिए सीसीटीवी कैमरे के फुटेज मेडिकल प्रबंधन से मांगे तो फुटेज नहीं मिले। मेडिकल प्रबंधन ने पुलिस को बताया कि मेडिकल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे बीते कुछ दिनों से बंद पड़े हुए हैं। सीएसपी तुषार सिंह ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे बंद होने के संबंध में मेडिकल प्रबंधन को पत्र लिखकर जवाब मांगा गया है।

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