नर्मदा तट से शुरू होगा आंदोलन, कांग्रेस ने भी भाजपा को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा की तेजतर्रार नेता उमा भारती द्वारा शराब दुकान पर पत्थर फेकने की घटना के बाद प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। शराब के खिलाफ उमा भारती के कदम का जनता दल यू ने समर्थन किया है। प्रदेश अध्यक्ष सूरज जायसवाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उमाजी ने पत्थर शराब की दुकान पर नहीं शिवराज सरकार की नीतियों पर फेंका है। जायसवाल ने कहा कि जेडीयू शराब बंदी के लिए संभाग स्तर पर आंदोलन शुरू किया जा रहा है जिसकी शुरूआत मां नर्मदा के तट से होगी।
जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष सूरज जायसवाल ने कहा कि मप्र में शराब की नई नीति से हर घर की महिला पीड़ित है। उमा भारती ने जो पत्थर उठाया वह हर महिला के आक्र ोश का प्रतिबिंब था। हर महिला शराब बंदी का समर्थन कर पति की लंबी उम्र चाहती है। उन्होने कहा कि भाजपा-कांग्रेस की शराब बंदी को लेकर कोई इच्छाशिक्त नहीं है क्योंकि शराब नीति में अधिकारियों और नेताओं का आर्थिक हित शामिल है। जेडीयू ने बिहार की नीतिश कुमार सरकार की तर्ज पर मप्र में भी शराबबंदी की मांग की। उन्होंने बताया जहां देश की जीडीपी एक अंकों में है। वहीं बिहार में जीडीपी दो अंकों में है। जबकि मप्र में माफियाओं को संरक्षण देने के लिए सरकार द्वारा नई शराबनीति लाई गई है।
भाजपा की कथनी और करनी उजागर
पीसीसी प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार की शराब नीति ही दोषपूर्ण है। जनता खासकर महिलाएं लगातार धरना-प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने हाथ में कानून ले लिया और सरकार मौन है और कार्रवाई तथा शराब बंदी के नाम पर मुंह से बोल नहीं फूट रहे जबकि प्रदेश में अनेक दुकानें विवादित स्थल पर हैं लेकिन सरकार को सिर्फ अपना राजस्व दिखाई दे रहा है। इसीलिए सस्ती शराब, घर-घर शराब आदि नीतियां बनाई जा रही हैं। इसी से भाजपा सरकार की कथनी और करनी उजागर हो चुकी है।