डाल्फिन इंडिया कंपनी की जमीन का घोटाला, आय से अधिक सम्पत्ति का मामला
जबलपुर। भाजपा की पूर्व पार्षद अनुराधा उपाध्याय व उनके पति पीएचई से रिटायर एसडीओ सुरेश उपाध्याय सहित बेटे सचिन उपाध्याय के खिलाफ ईओडब्ल्यू द्वारा की गई छापामार कार्रवाई के बाद अब ईडी का शिकंजा कसेगा।
एक खसरा नम्बर में दो नामांतरण का गोलमाल
ईओडब्ल्यू की टीम ने करोड़ों की आय से अधिक संपत्ति के साथ जांच करते हुए पाया था कि एसडीओ फैमली ने जमीनों की खरीद फरोख्त में जमकर गोलमाल किया है। ईओडब्ल्यू की टीम ने दस्तावेजों के परीक्षण में एक ही खसरा नंबर पर2 नामातंरण एवं सिर्फ इकरारनामा पर बगैर रजिस्ट्री के नामातंरण होना पाया था। यह घपला बिना राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से संभव नहीं है। सुरेश उपाध्याय की डालफिन इंडिया की जमीन में खरीद-फरोख्त में भारी गड़बड़ी मिलने की खबर है। ईओडब्ल्यू के बाद अब ईडी की टीम मामले की जल्द विस्तृत जांच करेगी। एसडीओ सुरेश उपाध्याय की पूर्व भाजपा पार्षद पत्नी अनुराधा एवं बेटे सचिन उपाध्याय द्वारा 4 बड़ी कंपनी वीनस इंडिया, आदित्य इन्फ्रा, डालफिन इंडिया एवं गंगा फूड में करोड़ों का निवेश करने की बात सामने आई थी।
2019 में की गई छापामारी बनी रही सुर्खियां
गौरतलब है कि पद का दुरुपयोग एवं आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर पीएचई के सेवानिवृत्त अनुविभागीय अधिकारी सुरेश उपाध्याय के बिलहरी,अनंततारा बंगला नंबर 42, कजरवारा एवं सदर में जांच के 65 अधिकारियों की टीम ने 25जून 2019 को छापा मारा था। जांच में देवरीकला, कजरवारा, उमरिया, तिलहरी एवं बिलहरी में कई एकड़ जमीन होने के दस्तावेज मिले थे। छापे में एसडीओ के घर से 2 लाख 50 हजार रूपए नगद, करोड़ों की जमीन के दस्दावेज, लाखों के जेवरात, बीमा पॉलिसी, शेयर के साथ आलीशान मकान, मंहगी कारें एवं घर पर लग्जरी फर्नीचर के साथ भोग विलासता की अन्य बेशकीमती सामग्री मिली थी। उपाध्याय परिवार द्वारा खरीदी एवं बेंची गई जमीन खेत-एवं प्लाट में खसरा, नामांतरण व रजिस्ट्री की गड़बड़ी जांच में जांच अधिकारियों को मिली थी।