अनसुलझी गुत्थी के लिए जाने जाते हैं डॉ सतपति, हर एंगल से देखेंगे केस
जबलपुर। जीसीएफ के जूनियर वर्क्स मैनेजर एससी खटुआ की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए फॉरेंसिक मेडिको लीगल एक्सपर्ट डॉ. दिव्य किशोर सतपति आज सेंट्रल स्कूल नं.-1 के पीछे पंप हाउस के पास पत्थरों के बीच खोह में पहुंचे, जहां एससी खटुआ की लाश मिली थी। डॉ. डीके सतपति ने पुलिस की एसआईटी की उपस्थिति में सीन रिक्रिएट कराते हुए मौके पर कई सवाल भी किए। घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद डॉ. सतपति अब तक हुई जांच एवं उससे जुड़े सभी साक्ष्यों का अवलोकन भी करेंगे। जानकारी के अनुसार डॉ. सतपति भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक मेडिको लीगल डिपार्टमेंट के पूर्व डायरेक्टर हैं। उन्होंने कई बड़े मामलों को सुलझाया, जो पुलिस के लिए गुत्थी बनकर रह गए थे। एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा का कहना है कि इस प्रकरण का खुलासा करने हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
कॉल डिटेल रिपोर्ट भी अहम
एससी खटुआ का मोबाइल फोन पुलिस को गाड़ी की डिक्की में स्विच ऑफ मिला था। पुलिस ने उस वक्त घटना दिनांक से बीते एक माह की पूरी कॉल डिटेल निकाली थी। पुलिस ने खटुआ की पत्नी मौसमी, बेटी श्वेता-श्रवनी और छोटे भाई रंजन से परिवार और परिचित लोगों के मोबाइल नंबर लिए थे। 5 फरवरी 2019 को मिली थी जेडब्ल्यूएम की लाश ... जीसीएफ में जूनियर वर्क्स मैनेजर के पद पर पदस्थ 50 वर्षीय एससी खटुआ की डीकम्पोज लाश 5 फरवरी 2019 की शाम सेंट्रल स्कूल नं.-1 के पीछे पंप हाउस के पास पत्थरों के बीच खोह में मिली थी। खटुआ 17 जनवरी को घर से निकले थे। धनुष तोप के चायनीज कलपुज्रे खरीदी में हुई गड़बड़ी की जांच करी रही सीबीआई जनवरी माह में दिल्ली से जीसीएफ पहुंची थी। टीम ने खटुआ से पूछताछ करने के बाद नोटिस देते हुए उन्हें दिल्ली तलब किया था।