भारी पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे अधिकारियों ने की कार्रवाई
जबलपुर। कुख्यात फड़बाज और पुलिस रिकॉर्ड में निगरानीशुदा कुख्यात बदमाश सावन जाट उर्फ सावन कंजड़ एवं भू-माफिया प्रीतम सोनकर द्वारा शासकीय जमीन पर कब्जा कर किए गए निर्माण को तोड़ने भारी पुलिस के साथ जेएमसी की टीम पहुंची। मध्यप्रदेश शासन द्वारा भू-माफिया, राशन की काला बाजारी, मिलावटखोरों, भू-माफिया/चिटफंड कंपनी एवं सूदखोरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश प्रशासन व पुलिस अधिकारियों को दिए गए हैं। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी, एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा एवं जेएमसी कमिश्नर आशीष वशिष्ठ के मार्गदर्शन में शातिर बदमाश एवं कुख्यात फड़बाज पर कार्रवाई की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर एएसपी सिटी गोपाल खांडेल, एसडीएम ऋषभ जैन, सीएसपी आरडी भारदृाज, सीएसपी अखिलेश गौर, सीएसपी एमपी प्रजापति, टीआई बेलबाग एसएल वर्मा, टीआई ओमती एसपीएस बघेल, टीआई कोतवाली अनिल गुप्ता, टीआई कैंट विजय तिवारी, टीआई घमापुर जीआर चंद्रवंशी, टीआई खमरिया निरूपा पांडे, निरीक्षक वेदराम हनोते, लोकमन अहिरवार सहित पुलिस लाइन का अतिरिक्त बल एवं नगर निगम अतिक्र मण अधिकारी सागर बोरकर दस्ते सहित मौजूद थे। बेलबाग थाना क्षेत्र की बेलबाग टोरिया में शासकीय भूमि में कब्जा कर अवैध निर्माण करने वाले कुख्यात फड़बाज और भू-माफिया द्वारा बनाए गए मकान और दुकान को पुलिस-प्रशासन की टीम ने जेएससी के सहयोग से ध्वस्त कर दिया। कब्जाधारियों से शासन ने करीब 1 करोड़ रुपए कीमत जमीन को मुक्त कराया है। भू-माफिया पर हुई कार्रवाई से क्षेत्र में 3 से 4 घंटे तक हड़कंप मचा रहा। बेलबाग पुलिस ने बताया, कि थाना क्षेत्र का निगरानी बदमाश फड़बाज सावन जाट उर्फ सावन कंजड़ पर बेलबाग थाना सहित अन्य थानों में 20 से अधिक अपराध दर्ज हैं। सावन जाट शहर में लंबे समय से जुआ खिलाते हुए नाल कटाने का काम कर रहा है।
50 लाख का कब्जा-50 लाख का निर्माण
शातिर बदमाश एवं कुख्यात फड़बाज सावन कंजड़ के विरुद्ध 22 अपराध पंजीबद्ध हैं। उसके द्वारा थाना बेलबाग अंतर्गत बेलबाग टोरिया में 2500 वर्गफुट शासकीय भूमि जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपए है पर अनाधिकृत रूप से 50 लाख रु पए की लागत से निर्मित किए गए दो मंजिला मकान को जमींदोज किया गया है।
किराए की शराब दुकान कराई खाली, तोड़ी
प्रीतम सोनकर पर 8 अपराध पंजीबद्ध हैं। भू-माफिया द्वारा थाना बेलबाग अंतर्गत भानतलैया रोड किनारे 1200 वर्गफुट शासकीय भूमि पर कब्जा किया गया था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपए है। जमीन पर अनाधिकृत रूप से 10 लाख रु पए की लागत से कमरे का निर्माण कर किराए पर देशी शराब दुकान चलवा रहा था, जिसको तोड़ दिया गया है।