भारत सरकार की जल जीवन मिशन योजना में वित्त वर्ष 2021-22 में केन्द्रांश- राज्यांश \
की राशि के व्यय में मध्यप्रदेश 2,790 करोड़ की राशि का उपयोग कर प्रथम स्थान पर है।
हर घर जल उपलब्ध करवाने में मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर है, जहां हाल ही में 4,044
अतिरिक्त ग्राम में यह सुविधा दिलवाई जा चुकी है। पिछले डेढ़ साल में काफी गति से
कार्य हुआ है। प्रदेश में मई 2020 से वर्तमान तक 27 लाख 65 हजार परिवारों को नल से
जल उपलब्ध कराया गया था। इस अवधि में प्रदेश का नल से जल आपूर्ति का
प्रतिशत 14.5 से बढ़कर 37.10 प्रतिशत तक पहुँच गया है। मध्यप्रदेश ऐसा एकमात्र राज्य
है जहाँ समस्त जिला स्तरीय पेयजल परीक्षण प्रयोगशालाएँ एनएबीएल (नेशनल एक्रेडिटेशन
बोर्ड फॉर टेस्टिंग एण्ड कैलिब्रेशन लेबोरेट्रीज) प्रमाणित हैं। मिशन से तेजी से क्रियान्वय के
लिए प्रदेश के बजट में वर्ष 2020-21 में इस कार्य के लिए तीन गुना अधिक राशि दी गई।
वर्तमान वित्त वर्ष में देश में मध्यप्रदेश को सबसे पहले प्रथम किश्त की द्वितीय ट्रांच
राशि 1247 करोड़ प्राप्त हुई है। यह मध्यप्रदेश के लिए एक विशेष उपलब्धि है।
