गार्ड की बंदूक में कारतूस लोड नहीं था, आईजी ने ईनाम किया 30 हजार
जबलपुर। बैंक ऑफ महाराष्ट्र के तिलहरी स्थित एटीएम में कैश वैन के गनमैन की हत्या कर लाखों की रकम लूटने वाले बदमाशों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है, वहीं लूटी गई रकम को लेकर यह भी स्पष्ट नहीं है कि लुटेरे कितनी रकम ले गए। बताया जाता है कि वैन के ड्राइवर ने पेटी में 33 लाख होने की जानकारी दी, जबकि एफआईआर में 6 लाख रुपए होना लिखा है। इस संबंध में बैंक ने भी अभी तक पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी है। आईजी उमेश जोगा ने लुटेरों पर ईनाम की राशि बढ़ाकर 30 हजार कर दी है। लुटेरों की पुख्ता पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए जुटीं पुलिस की अलग-अलग 13 टीमों से डीआईजी आरआरएस परिहार ने अब तक हुई जांच-पड़ताल का फीडबैक लिया। इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए अवकाश पर प्रदेश के बाहर गए एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा छुट्टी निरस्त कर देर रात जबलपुर पहुंच गए हैं। एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने जांच टीम प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
वारदात के बाद लूटकांड की जांच में जुटी पुलिस ने एटीएम, कैश वैन और एक रेस्टारेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज निकाले हैं। फुटेज में नकाबपोश आरोपी रेस्टारेंट से बाहर निकलते, एटीएम में प्रवेश कर फायरिंग करते एवं कैश वाहन को क्रास करते हुए 2 बार दिखाई दिए हैं। यह भी पता चला है कि गनमैन की बंदूक में कारतूस लोड नहीं था, यही उसकी जान जाने की वजह भी बताई गई। जांच अधिकारियों का अनुमान है कि आरोपियों की गैंग संभवत: प्रदेश के बाहर की है। घटना के 48 घंटे गुजरने के बाद पुलिस को फिलहाल कोई ठोस जानकारी नहीं है।