जबलपुर। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार में राज्य पुलिस के मुखिया बने 1984 बैच के आईपीएस विवेक जाैहरी का कार्यकाल 4 मार्च को समाप्त हो रहा है। जबलपुर में एसपी रहे विवेक जाैहरी के सेवानिवृत होने के बाद जबलपुर में ही एसपी रहे 1987 बैच के आईपीएस सुधीर सक्सेना का नाम एमपी के नए डीजीपी के लिए चल रहा है। इसके अलावा पवन जैन व अरविंद कुमार का नाम भी प्रमुखता से दौड़ में शामिल है।
यूपीएससी को भेजे गए प्रस्ताव की फाइल सीएम सचिवालय में
गृह विभाग ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) भेजे जाने वाला प्रस्ताव की फाइल मुख्यमंत्री सचिवालय भेज दी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आदेश के बाद फाइल को जल्द ही आयोग भेज दिया जाएगा। सूत्रों की मानें तो नए पुलिस महानिदेशक के लिए कैबिनेट सचिवालय के सचिव (सुरक्षा) 1987 बैच के आइपीएस सुधीर सक्सेना और पवन जैन को को प्रबल दावेदार माना जा रहा है। पुलिस सुधार को लेकर दिए गए सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के अनुसार जिस दिन डीपीजी का पद रिक्त हो रहा है, उससे कम से कम तीन माह पहले नई पदस्थापना के लिए संघ लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजना आवश्यक होता है। इस प्रस्ताव में अरुणा मोहन राव, राजीव टंडन, यूसी षडंगी और मिलिंद कानस्कर को छोड़कर 1992 बैच तक के अधिकारियों के नाम भेजे जाएंगे। दरअसल, जिसे भी डीजीपी नियुक्त किया जाएगा, उसकी सेवानिवृत्ति में कम से कम छह माह का समय होना चाहिए। ये सभी अधिकारी इस अवधि से पहले सेवानिवृत हो जाएंगे।
विवाद में फंसे पुरूषोत्तम पहले ही बाहर हो गए
आईपीएस अफसरों की वरिष्ठता सूची में विशेष महानिदेशक पुरुषोत्तम शर्मा का नाम सबसे ऊपर रहा, लेकिन उन्हें पारिवारिक विवाद के कारण इस पद की दौड़ से बाहर माना जा रहा है। इसके बाद 1987 बैच के सुधीर कुमार सक्सेना आते हैं जो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इसके बाद 1987 बैच के ही पवन कुमार जैन और 1988 बैच के अरविंद कुमार का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। उधर, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आयोग प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद बैठक की सूचना मध्य प्रदेश शासन को भेजेगा। इसमें मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस हिस्सा लेंगे। आयोग अधिकारियों की वरिष्ठता और सेवा रिकार्ड देखने के बाद तीन नामों की पैनल बनाकर देगा। इसमें से नए डीजीपी के लिए अंतिम चयन मुख्यमंत्री करेंगे।