श्री खलीक ने बताया कि कुछ वर्ष पहले भोज वेटलैंड में सारस के मात्र 3 जोड़े बचे थे। वन अधिकारी और गाँव वालों के सहयोग से उनकी संस्था द्वारा लगातार किये जा रहे संरक्षण कार्य से आज इन जोड़ों की संख्या 330 हो गई है। इसमें 10 गाँवों के ग्रामीण अत्यधिक सहयोग दे रहे हैं। इन गाँवों में "सारस चौपाल" लगाकर इनके बचाने के उपाय और रणनीति पर चर्चा कर क्रियान्वयन किया जाता है। कार्यक्रम का संचालन प्रभारी अधिकारी राज्य वेटलैंड प्राधिकरण श्री लोकेन्द्र ठक्कर ने किया।
Breaking News
Loading...
