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आरपीएफ की 24 वर्षीय आरक्षक गुड़िया ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली

भोपाल की निवासी, परिजनों को अधिकारियों ने दी सूचना 

मदनमहल की आरपीएफ चौकी में तैनात 24 वर्षीय महिला आरक्षक गुड़िया यादव ने देर रात बैरक में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि सुसाइड करने से कुछ देर पहले महिला आरक्षक मोबाइल पर बात कर रही थी। रात करीब 12 बजे तक गुड़िया तेज आवाज में किसी से मोबाइल पर बात करती रही। रात करीब 2 बजे महिला आरक्षक के बाजू वाले कमरे में रहने वाली महिला सब इंस्पेक्टर के मोबाइल पर आशीष यादव नाम के लड़के का कॉल आया। आशीष बोला, कि आपके बाजू वाले कमरे में रहने वाली आरक्षक गुड़िया कॉल रिसीव नहीं कर रही है, आप देखकर बता दें, क्यों फोन नहीं उठा रही है। महिला सब इंस्पेक्टर ने आरक्षक को आवाज लगाई। महिला आरक्षक की आवाज न आने पर उसने दरवाजा खटखटाया। दरवाजा अंदर से बंद होने पर उसने अन्य की मदद से दरवाजा तोड़ा तो देखा कि महिला आरक्षक फांसी के फंदे पर लटकी थी। आरक्षक को फंदे से निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुसाइड की सूचना पर मौके पर पहुंची मदनमहल पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। आरपीएफ सहित थाना पुलिस ने महिला आरक्षक के भोपाल स्थित परिजनों को सूचना देते हुए शव मेडिकल मरचुरी भेज दिया है।

 एसआई प्रभा ने आवाज दी तब कोई जवाब नहीं मिला

 पुलिस ने बताया कि मूलत: भोपाल निवासी गुड़िया यादव मदनमहल की आरपीएफ चौकी में पदस्थ थी। मंगलवार रात गुड़िया यादव डयूटी करने के बाद रेलवे के बैरक स्थित अपने क्वार्टर पहुंची थी। बताया जाता है, कि रात में आरक्षक गुड़िया यादव के पास किसी का फोन आया था। फोन पर वह राम 12 बजे तक तेज आवाज में बात कर रही थी। रात करीब 2 बजे आउट पोस्ट प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रभा बचैया के पास आशीष यादव का फोन आया। आशीष प्रभा बचैया से इसलिए परिचित था, कि गुड़िया यादव ज्यादातर प्रभा के साथ ही रहती थी, गुड़िया और प्रभा में अच्छी दोस्ती भी थी। आशीष ने प्रभा से कहा, कि गुड़िया 12 बजे के बाद से फोन नहीं उठा रही है, उसे कई दफा कॉल कर चुका हूं। आप उससे बोल दीजिए एक बार बात कर ले। आशीष के कहने पर महिला सब इंस्पेक्टर प्रभा बचैया ने गुड़िया को आवाज दी, दरवाजा खटखटाया, लेकिन वह नहीं बोली। मन में संदेह होने पर प्रभा ने कुछ अन्य लोगों सहित मदनमहल पुलिस को बुलाया जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया तो गुड़िया फंदे पर लटकी हुई थी।

 शालीन थी,डेढ़ साल पहले लगी थी नौकरी 

 बताया जाता है, कि गुड़िया बेहद साधारण परिवार से है। करीब 18 माह पहले ही गुड़िया यादव की नौकरी लगी थी। वह बेहद सरल और शालीन लड़की थी। विभाग में वह सबकी चहेती थी। गुड़िया द्वारा सुसाइड करने की खबर मिलते ही आरपीएफ के कई कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जहां यह चर्चा थी, कि गुड़िया को कोई लड़का परेशान करता था। लड़का भी संभवत: भोपाल का रहने वाला है। सुसाइड मामले में पुलिस गुड़िया के मोबाइल पर कॉल करने वाले आशीष यादव से जल्द पूछताछ करेगी।

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