शिवराज कैबिनेट की बैठक: घरेलु हिंसा में दिव्यांग महिला को 4 लाख
भोपाल। प्रदेश में घरेलू हिंसा पीड़ितों को 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता पर चार लाख रुपए तक की सहायता दी जा सकेगी। वहीं चिकित्सा विशेषज्ञों के 25 फीसदी पद पदोन्नति के जरिए भरे जाएंगे। इसके लिए कैबिनेट बैठक में चर्चा की जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रलय में हो रही कैबिनेट बैठक में घरेलू हिंसा पीड़ित बालिका या महिला को आर्थिक सहायता देने के लिए नई योजना लागू करने पर चर्चा की गई। इस नई योजना में यह प्रावधान किया गया है कि घरेलू हिंसा में पीड़िता को शरीर के किसी भी अंग में क्षति 40 फीसदी से कम होने पर दो लाख रुपए और इससे अधिक पर चार लाख रुपए की आथिर्क सहायता दी जाएगी। घरेलू हिंसा की शिकार बालिका या महिला को जिले के वन स्टाप सेंटर को प्रथम सूचना रिपोर्ट के साथ आवेदन देना होगा। प्रतिकर योजना में दोष सिद्धि पर ही पूर्ण मुआवजा राशि दी जाती है जबकि नई योजना में ऐसी बाध्यता नहीं रहेगी। चिकित्सा विशेषज्ञ के रिक्त पद अब सीधी भर्ती के जरिए भरा जाएंगे। बैठक में नई आबकारी नीति पर चर्चा की गई जिसमें महुआ से बनने वाली शराब को टैक्स फ्री करने कहा गया।
नई आबकारी नीति: छोटे ग्रुप में होंगे शराब ठेके ...
राज्य सरकार नई आबकारी नीति में अब शराब के छोटे समूह बनाकर ठेके जारी करेगी। प्रदेश के 89 विकासखंडों में आदिवासियों द्वारा बनाई जाने वाली शराब को करमुक्त करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इसके अलावा प्रदेश में शराब के ठेके दिए जाने के लिए भी पॉलिसी में बदलाव किया जा रहा है। अब दो से पांच दुकानों के छोटे-छोटे समूह बनाकर शराब दुकानों के ठेके आबंटित किए जाएंगे। एक ग्रुप में अधिकतम पांच दुकाने होंगी। वित्त विभाग नई आबकारी नीति को मंजूरी दे चुका है।