हर तीन माह में देना होगी परफार्मेस रिपोर्ट,आदर्श थाने की स्पर्धा
जबलपुर। अपराधों की रोकथाम, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण एवं विवेचकों की हीलाहवाली रोकने एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने शनिवार की देर रात तक थाना प्रभारियों व सीएसपी की क्लास ली। उन्होने नए साल में नया एक्शन प्लान के बारे में टिप्स देते हुए कहा कि अब सभी थाना प्रभारियों को हर 3 महीने में अपनी परफार्मेस रिपोर्ट देनी होगी। अपराधों की थानावार समीक्षा होगी और बेहतर परफॉर्मेस देने वालों को पुरस्कृत एवं फिसड्डी साबित होने वाले थाना प्रभारी को दंडित किया जाएगा। अभी तक अपराधों की वर्षवार समीक्षा होती थी,अब हर 3 माह में होगी।
बच्चा व महिला अपराध की हर 15 दिन में समीक्षा
बैठक में कहा गया कि नागालिगों के अपहरण के मामलों का निकाल करने हर 15 दिन में समीक्षा की जाएगी। पाक्सो एक्ट, महिला संबंधी अपराध, बच्चों, बुजुर्ग एवं समाज के कमजोर वर्ग के प्रति संवेदनशील रहते हुए इनके द्वारा की गई शिकायतों पर तत्काल विधिसंगत कार्रवाई कर राहत पहुंचाने के निर्देश एसपी द्वारा दिए गए। धोखाधड़ी और चिटफंड कम्पनी के प्रक रणों के शीघ्र निराकरण के लिए समय-समय पर समीक्षा होगी। जिले के थाना एवं थाना प्रभारियों की कार्यप्रणाली पर आईजी-एसपी के साथ-साथ पीएचक्यू भोपाल में बैठे अफसरों की बारीक नजर होगी। यह बैठक रात 12:30 बजे तक चली। प्रथम चरण में तीन माह की समीक्षा 1 जनवरी 2022 से 31 मार्च 2022 तक की अप्रैल माह में होगी। 3-3 माह में समीक्षा की प्रक्रि या निरन्तर जारी रहेगी।
संगठित अपराध व नशे के कारोबार पर हो प्रभावी नियंत्रण
एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बैठक में निर्देशित किया कि विशेष अभियान के तहत कालाबाजारी करने वालों तथा मिलावटखोरों, भू-माफियाओं/चिटफंड कंपनी के कारोबारियों एवं सूदखोरों तथा संगठित जुआ सट्टा खिलाने वालों, अवैध शराब एवं मादक पदार्थ/नशीले इंजेक्शन के कारोबार मे लिप्त आरोपियों तथा अवैध रेत के उत्खनन एवं परिवहन के कारोबार में लिप्त माफियाओं के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करें। जारी समंस एवं वारंट की तामीली प्राथमिकता के आधार पर विशेष रूचि लेकर की जाए इसमें किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही न बरती जाए। थानों में दर्ज होने वाले साधारण मारपीट, जुआ-सट्टा, आर्म्स एक्ट एवं आबकारी सहित माइनर एक्ट वाले प्रकरणों में विवेचकों के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। ऐसे प्रकरणों में विवेचना अधिकारी को घटना के 5 दिन के अंदर विवेचना का कार्य पूर्ण कर न्यायालय में चालान पेश करना होगा। ऐसा न करने वाले विवेचकों को दण्डित किया जाएगा। विवेचना की समय सीमा तय होने से थानों में लंबित प्रकरणों की संख्या न के बराबर रह जाएगी।
आदर्श थाना की स्पर्धा में मापदंड निर्धारित
आदर्श थाना के लिए पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा मापदंड के15 बिंदु निर्धारित किए हैं, जिसमें थाना की पारदर्शी कार्यप्रणाली,थाना स्टाफ का अनुशासन, थाना स्टाफ की गणवेश, आम जनमानस से थाना स्टाफ के मधुर संबंध एवं व्यवहार, थाना में उपलब्ध संसाधनों का बेहतरीन उपयोग एंव उनका रखरखाव, सीसीटीएनएस डाटा को प्रतिदिन अपडेट करना, थाना भवन का रखरखाव और सफाई, आम जन के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था, शौचालय व्यवस्था, थाना परिसर में पार्किग, थाना रिकार्ड की प्रत्येक प्रविष्टियों का संबंधी पंजियों में इन्द्राज दर्ज, अपराधों एंव प्राप्त शिकायतों का शीघ्रता से निराकरण करना, वरिष्ठ अधिकारियों एवं उनके कार्यालय से प्राप्त सभी निर्देशों का शीघ्रता से पालन करना, पीड़ित की संतुष्टि, पुलिस एवं जनता के मधुर रिश्ते, महिला संबंधी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, लंबित अपराधों, जप्ती माल, जप्त वाहनों एवं अन्य निराकरण की स्थिति, समंस- वारण्ट जमानती गिरफ्तारी, स्थाई, फरारी वारण्ट की तामीली की स्थिति, कोर्ट मोहर्रिर के साथ बैठक एवं थानों में चिन्हित अपराधों की विवचेना शामिल है। 15 अंकों के आधार पर थानों का मूल्यांकन होगा। जोनल स्तर पर समीक्षा के लिए पुर्नमूल्यांकन आईजी द्वारा किया जाएगा। इसी प्रकार सर्वोत्तम/उत्तम एवंअच्छे थानों का मूल्यांकन भी अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।