Type Here to Get Search Results !

केंट बोर्ड के टोल नाके बंद, रक्षा मंत्रलय से आया फरमान

ट्रैफिक में बाधा और अवैध वसूली को बनाया आधार 

जबलपुर। केंटोन्मेंट बोर्ड द्वारा वसूले जा रहे व्हीकल एंट्री फीस (टोल नाका) पर रक्षा मंत्रलय ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। वहीं बोर्ड द्वारा ठेके पर संचालित टोल नाकों को बंद करने के आदेश दिए हैं। रक्षा मंत्रलय ने यह निर्णय टोल नाकों में वाहनों को रोके जाने से आवागमन में आ रही बाधाओं को देखते हुए लिया है। रक्षा मंत्रलय को लगातार शिकायतें मिल रही थी कि टोल नाकों में वाहनों से शुल्क वसूली के नाम पर सभ्य नागरिकों के साथ बदसलूकी होती है। वहीं टोल नाकों में वसूली के दौरान होने वाले विवादों के चलते कई बार ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। रक्षा मंत्रलय ने उक्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए टोल नाकों को बंद करने का आदेश दिया है।

 टैक्स और फीस को लेकर असमंजस, मुख्यालय से मांगेगे मार्गदर्शन 

जबलपुर केंट बोर्ड द्वारा चार अलग-अलग स्थान बिलहरी,कटंगा क्रासिंग,एम्पायर थियेटर रोड,सुअर कोल मार्ग पर नाके लगाकर एंट्री टैक्स वसूला जाता है। अब रक्षा मंत्रलय से आए आदेश में व्हीकल एंट्री ‘फीस’ शब्द का उल्लेख किया गया है। लिहाजा जबलपुर केंट बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि रोक फीस पर लगाई गई है, आदेश में एंट्री टैक्स वसूलने पर रोक नहीं लगाई है, इसलिए रक्षा मंत्रलय के पत्र को लेकर सेंटर कमांड लखनऊ से मार्गदर्शन मांगा जाएगा। 

नुकसान की भरपाई होगी राज्य शासन से

रक्षा मंत्रलय से आए आदेश में साफ कहा गया है कि व्हीकल एंट्री फीस वसूली बंद करने से केंट बोर्ड को होने वाली आर्थिक क्षति की भरपाई राज्य शासन करेगा, लेकिन इस बात को लेकर भी असमंजस की स्थिति है, क्योंकि इस बात का आकलन कैसे होगा कि केंट बोर्ड को कितनी आर्थिक क्षति पहुंची है। वहीं राज्य शासन से उक्त राशि कौन दिलवाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन ने केंट बोर्ड को नगरीय निकाय मानते हुए 4 करोड़ों रूपए सालाना देने का निर्णय लिया था, लेकिन उक्त राशि को प्राप्त करने में ही केंट बोर्ड के अधिकारियों को काफी पसीना बहाना पड़ता है। केंट बोर्ड के अधिकार क्षेत्र वाली सड़कों पर टोल नाकों पर वसूल बंद होने की खासी प्रतिक्रिया है।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.