1 जनवरी को मिला था एक केस, 11 दिन में हो गए 1052 एक्टिव केस
जबलपुर। मध्यप्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर तेज हो चुकी है। पर्याप्त सावधानियों के वाबजूद फंट्रलाईन वारियर, पुलिस- प्रशासन के अफसर और मंत्री कोरोना संक्रमण से नहीं बच पा रहे है। चंद दिनों में ही प्रदेश के दो मंत्री, एक एसीएस, तीन पीएस, एक सचिव, एक कमिश्नर, दो कलेक्टर और दो एसपी समेत लगभग दर्जन भर फ्रंटलाइनर्स कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। जबलपुर में मंगलवार को मिली रिपोर्ट के मुताबिक 210 नए पॉजिटिव केस मिले हैं, वहीं एक्टिव केसों की संख्या 1052 हो गई। स्वास्थ विभाग ने बताया कि 23 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।
मंत्री-अधिकारियों पर वायरस का हमला
खबर के मुताबिक पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया और राजस्व तथ परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत संक्रमित हो चुके हैं। इसके अलावा पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया और उनका पूरा परिवार पॉजीटिव हो चुका है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई दूसरी बार कोरोना पॉजीटिव हुए है। उनकी पत्नी भी संक्रमित हुई है। जनसंपर्क विभाग के प्रमुख सचिव और आयुक्त राघवेन्द्र सिंह दो दिन पहले ही कोरोना पॉजीटिव हुए है। उद्योग आयुक्त तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के सचिव पी नरहरि, केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के ओएसडी पुरुषोत्तम पाराशर और उनके परिवार के सात सदस्य, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी राजेन्द्र मिगलानी, पूर्व मंत्री अरुण यादव और खंडवा मेडिकल कॉलेज के नौ डॉक्टर और प्रोफेसर भी पॉजीटिव मिले है। नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह और आयुक्त निकुंज श्रीवास्तव भी संक्रमित हैं। दोनों हाल ही में दिल्ली से लौटे हैं।