गढ़ा थाने में एफआईआर, ओटीपी भी नहीं पूछी सायबर ठग ने
जबलपुर। ऑन लाइन मोबाइल रीचार्ज में भी सायबर ठगों ने फ्रॉड का रास्ता बना लिया। गढ़ा थानांतर्गत शाहीनाका में रहने वाले एक एमटेक छात्र ने मात्र 10 रुपए का ऑनलाइन रीचार्ज किया, लेकिन चंद मिनटों में ही उसके खाते से लाखों रुपए निकल गए। युवक ने पहले तो अपने स्तर पर पड़ताल की और जब कुछ हासिल नहीं हुआ तो थाने पहुंचकर पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बिना ओटीपी बताए खाते से राशि निकलने का संभवत: यह पहला मामला है, जिससे पुलिस सहित ठगी का शिकार हुआ एमटेक का छात्र भी हैरत में पड़ गया है। पुलिस ने बताया कि शाहीनाका में रहने वाले 27 वर्षीय एमटेक के छात्र कपिल जैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई, कि कुछ समय पूर्व उसने बीएसएनएल की वेबसाइट पर जाकर अपने बीएसएनएल के नंबर पर 10 रुपए का रीचार्ज किया। रीचार्ज तो तत्काल हो गया, लेकिन कुछ देर बाद से रीचार्ज के10 रुपए कटने के अलावा 1 लाख 39 हजार रुपए कटने का मैसेज भी आ गया। कपिल ने पूरा काम धाम छोड़कर बैंक जाकर जब अपना स्टेटमेंट चेक किया तो वहां भी खाते से रकम निकालना शो हो रहा था। जिससे कपिल घबरा गया और उसने अपना टेक्निकल ज्ञान लगाते हुए पतासाजी की, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
नहीं आया कोई ओटीपी,फिर भी हो गई ठगी
कपिल ने पुलिस को बताया, कि वह जब वह रीचार्ज की प्रोसेस कर रहा था तो कोई ओटीपी नहीं आया नहीं उसने किसी कॉलर को अपने खाते से संबंधित कोई सीकेट्र चीज बताई फिर भी रकम निकल गई। जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है, कि जालसाजों ने उस वक्त बीएसएल की वेबसाइड की हैक कर रखी थी और इसलिए इतनी आसानी से रुपए निकल गए।
पश्चिम बंगाल का है आरोपी, पुलिस कर रही पड़ताल
मामले की जांच करते हुए साइबर सेल को पता चला, कि जिस जालसाज ने कपिल के साथ यह फ्रॉड किया है वह पश्चिम बंगाल रहने वाला है और उसका नाम राजू शॉ है। हालांकि पुलिस को अभी तक आरोपी के एड्रेस के संबंध में पुख्ता जानकारी नहीं लगी है और यह भी शक है, कि आरोपी सच में राजू है या नहीं।