खात्मा को रेडी था सुसाइड कांड,फिर हुए नए-नए खुलासे
इंदौर। मॉडलिंग से महाराज बने उदय सिंह देशमुख जिसे भक्तों ने राष्ट्र संत का दर्जा दिया ऐसे भय्यूजी महाराज सुसाइड कांड में पुलिस खात्मा लगाने यानि केस बंद करने की तैयारी कर चुकी थी,अब जिला अदालत द्वारा इस केस में तीन आरोपियों को सजा मिल चुकी है। इसके साथ ही नए-नए खुलासे हो रहे हैं, जैसे महाराज की करीबी पलक के अलावा भय्यूजी महाराज के सोनिया, शालिनी और मल्लिका जैसी एक दर्जन लड़कियों से संबंध थे। खास बात ये कि इनमें दो महिला आईएएस अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं जो कि राज्य के बाहर की हैं।
5 करोड़ की डिमांड कर फसा ड्राइवर, खोला साजिश का राज
कथित राष्ट्र संत भय्यूजी महाराज ने 12 जून 2018 को खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। देशभर में सुर्खियों में रहे इस केस में पुलिस को दो माह तक कोई सफलता नहीं मिली और तत्कालीन विवेचना अधिकारी सीएसपी मनोज रत्नाकर इसे घरेलु विवाद मानकर आत्महत्या का प्रकरण बनाकर रिपोर्ट पेश कर चुके थे। यहां तक कि केस में खात्मा लगाने यानि केस बंद करने की तैयारी भी हो गई थी। वहीं कुछ माह बाद महाराज के ड्राइवर ने उनके करीबी वकील निवेश बड़जात्या को 5 करोड़ की डिमांड करते हुए कॉल कर धमकी दी जिससे सुसाइड केस में जांच की दिशा बदल गई और धमकी देने वाले ड्राइवर कैलाश पाटिल से महाराज के सेवादार विनायक, शरद और खास शिष्या पलक की साजिश का खुलासा हो गय
तीनों की बातों से कैलाश समझ गया कि साजिश चल रही
केस में विवेचना के दौरान तत्कालीन डीआईजी और वर्तमान में इंदौर पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने परिजनों के बयान के बाद संदिग्ध लोगों पर लगातार नजर रखने कहा था। करीब 20 लोगों के बयान दर्ज किए गए थे। इसके बाद पकड़ में आए महाराज के ड्राइवर कैलाश पाटिल ने जो बताया वह चौंकाने वाला था। वकील से 5 करोड़ की डिमांड करने वाले कैलाश ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह कई बार पलक को घर से आश्रम लाने और ले जाने का काम करता था। इस दौरान पलक जो भी बातें शरद और विनायक से करती थी वह ध्यान से सुनता था क्योंकि बातों से पता चलता था कि तीनों भय्यूजी महाराज को आत्महत्या के लिए उकसाने की साजिश रच रहे थे। केस की जांच में यह बात भी सामने आई कि महाराज के करीब 12 लड़कियों से संबंध थे और इनमें दो महिला आईएएस अधिकारी हैं। ड्राइवर ने बताया कि उसने संगत में कुछ अंग्रेजी भाषा सीख ली थी, जिससे वह महाराज व लड़कियों के बीच होने वाली बात समझने लगा था। उसे यह जानकारी मिल गई थी कि महाराज के कई लड़कियों से संबंध हैं। जबकि भय्यूजी महाराज समझते थे कि मैं (कैलाश) कुछ नहीं समझता हूं।