19 वीं न्यूरोकॉन कांफ्रेंस में जबलपुर आए प्रख्यात न्यूरो सजर्न
जबलपुर। देश के प्रख्यात न्यूरो सजर्न डॉ. लोकेन्द्र सिंह ने कहा कि मेडिकल ऐसा प्रोफेशन है जिसमें गल्ती होना स्वाभाविक है, डॉक्टर को कई मर्तबा मालूम होता है कि मरीज की मौत हो सकती है,फिर भी वह उसे बचाने का जोखिम लेता है। ऐसे कई केस हुए जिसमें मरीज की मौत होने के बाद डॉक्टर भी सायकोलॉजिकल अटॉक्सी का शिकार बने यानि अवसाद में चले गए। डॉ लोकेंद्र सिह ने कहा कि एक स्टडी के मुताबिक देश में 6.3 प्रतिशत डॉक्टर इस अवसाद का शिकार हुए हैं।न्यूरोलाजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ लोकेंद्र सिंह 19वीं कांफ्रेंस में शामिल होने जबलपुर आए हैं।
भारत के न्यूरो सजर्न्स किसी से पीछे नहीं हैं.............
उन्होने कहा कि विश्व में भारत देश के न्यूरो सजर्न किसी से पीछे नहीं हैं। न्यूरो की विधा में मध्य प्रदेश भी पहले से ज्यादा उभरकर आया है। न्यूरो विधा में चिकित्सकों की स्टडी से रिजल्ट के साथ नई-नई तकनीकों को साझा करने इस तरह की कांफ्रेस होना भविष्य में बेहतर परिणाम लाएगा। उल्लेखनीय है डॉ. सिंह अब तक 30 हजार से ज्यादा मरीजों की सजर्री कर चुके हैं। वे देश के ऐसे एक मात्र न्यूरो सजर्न है जिनकी कविताएं एवं उनकी लिखी ‘द स्कैंडल कैंडल ,एंड स्कैंडल’, ‘बूंदे जीवन की’ किताबें विश्व विख्यात हैं।
5 साल में 3 गुना बढ़ गए डिस्टोनिया के मरीज..............
देश के प्रख्यात बॉटुलिनम टॉक्सिन इंजेक्शन के एक्सपर्ट डॉ. ऋषिकेश कुमार ने बताया पिछले 5 साल में डिस्ट्रोनिया बीमारी के मरीज 3 गुना तक बढ़ गए हैं। हालांकि इस बीमारी के उपचार के लिए पहले की अपेक्षा अब न्यूरो साइंस में नई-नई तकनीक आ चुकी है, लेकिन इस इंजेक्शन को देने के लिए एक्सपाईज कम है। उन्होंने कहा इसके विशेषज्ञ देश में काफी कम है ऐसे में विशेषज्ञों को तैयार करने की दिशा में भी काम करना जरूरी है। चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि डिस्टोनिया मांसपेशियों के हिलने-डुलने संबंधी विकार है, जिसमें मांसपेशियों मे अनैच्छिक रूप से संकुचन होने लगता है। इस संकुचन के परिणामस्वरूप मांसपेशियों में मरोड़ आ जाती है या मांसपेशी एक ही दिशा में बार-बार हिलती है जिसे रिपिटेटिव मूवमेंट कहा जाता है। कभी-कभी यह स्थिति काफी दर्दनाक होती है। डिस्टोनिया सिर्फ एक मांसपेशीए कई मांसपेशियों को या फिर शरीर की सभी मांसपेशियों को प्रभावित कर सकता है।
एक मंच पर जुटे देश-विदेश के न्यूरोलॉजिस्ट..........
कोरोना योद्धाओं के बलिदान को समर्पित 19 वीं एमपी-सीजी न्यूरोकॉन 2021 वर्कशॉप का औपचारिक शुभारंभ होटल कृष्णा में किया गया। इस अवसर पर न्यूरोसर्जिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. लोकेंद्र सिंह नागपुर, कांफ्रेस अध्यक्ष डॉ. एमएस जाैहरी, सचिव न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. तरूण नागपाल, महाकोशल के प्रख्यात न्यूरो सजर्न डॉ. हर्ष सक्सेना, बाम्बे हॉस्पिटल के डीन डॉ. सतीश खाडिलकर मुंबई, डॉ. अतुल गोयल, डॉ. चाल्र्स टियो सिडनी ऑस्ट्रेलिया, डॉ. गौरव गोयल दिल्ली, डॉ. ऋषिकेश कुमार कोलकाता, डॉ. सुरेश नायर त्रिवेंद्रम, डॉ. यूके मिश्र लखनऊ, डॉ. विवेक लाल चंडीगढ़, डॉ. आशीष टंडन उपस्थित रहे।