आरक्षण पर सियासी घमासान के बीच मध्यप्रदेश में बड़ा निर्णय
भोपाल। ओबीसी आरक्षण पर मचे सियासी घमासान के बीच पंचायत चुनाव पर ब्रेक लगने की खबर है। शिवराज कैबिनेट ने पंचायत चुनाव कराने के लिए लाए गए अध्यादेश को वापस करने का फैसला कर चुनाव टालने का रास्ता बना दिया है। अध्यादेश को निरस्त करने के लिए राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश में हो रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर ब्रेक लग सकता है। हालांकि अभी सरकार इस मामले में सिर्फ यह कह रही है कि सरकार ने जनहित में अध्यादेश वापस लिया है। रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट बैठक बुलाई थी। इस बैठक के बाद निर्णय की जानकारी गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र और पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने दी। मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्र और सिसोदिया ने बताया कि पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 9 क के अंतर्गत लाए गए अध्यादेश को आज हुई कैबिनेट बैठक में वापस लेने का फैसला लिया गया है। इस अध्यादेश को विधेयक के रूप में विधानसभा की कार्यसूची में शामिल किया गया था पर अपरिहार्य कारणों से यह विधेयक नहीं ला सके थे। अब अध्यादेश निरस्त करने का फैसला करने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगा।
राज्यपाल के बाद निर्वाचन आयोग पर टिकी नजर ...........................
इस अध्यादेश को निरस्त करने के लिए राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश में हो रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर ब्रेक लग सकता है। राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद इस मामले पर राज्य निर्वाचन आयोग को फैसला लेना है, लेकिन जानकारों की मानें तो जिस अध्यादेश पर राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव करा रहा था यदि वही वापस हो जाता है तो फिर चुनाव की स्थिति नहीं बनती है।