अर्थी उठते ही काली घटाओं से घिरा आसमान, आंधी - तूफान की बीच हुई जोरदार बारिश -जयेष्ठ पुत्र आशीष त्रिवेदी ने दी मुखाग्नि
जबलपुर! कानून की नुक्ता चीनियों के लिए समूचे देश में पहचान बनाने वाले तथा अनगिनत लोगों के दिलों पर राज करने वाले और उनकी जीवनशैली के लिए आदर्श रहे वरिष्ठ अधिवक्ता आदर्श मुनि त्रिवेदी मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके जयेष्ठ पुत्र एडवोकेट आशीष त्रिवेदी ने मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के लिए जैसे ही उनके शतक्रतु आश्रम स्थित निवास स्थान से अर्थी उठी की आसमान काले बादलों से अंधेरे में घर गया तूफानी हवा चली और फिर जोरदार बारिश पड़ने लगी विदाई का यह नजारा जिसने देखा, उसने आदर्श की आत्मा को महान निरूपित करते हुए अपनी आंखों को नम कर लिया। उल्लेखनीय है कि 69 वर्ष की आयु में सीनियर एडवोकेट आदर्श मुनि त्रिवेदी ने सोमवार को अपने घर पर अंतिम सांस ली थी। इसके बाद ना सिर्फ शहर बल्कि समूचे देश के विधि, साहित्य, सामाजिक तथा आध्यात्मिक क्षेत्र में शोक व्याप्त हो गया था. श्री त्रिवेदी के निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपनी श्रद्धांजलि दी है उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर श्री त्रिवेदी को महान कानून वेत्ता कहते हुए इसे अपूर्ण क्षति बताया है। अंतिम यात्र 11:00 बजे शुरू होकर ग्वारीघाट शमशान घाट पहुंची और वहां उपस्थित जनों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री तथा पूर्व क्षेत्र से विधायक लखन घनघोरिया, मध्य क्षेत्र से विधायक विनय सक्सेना, एमपी स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष शरद वर्मा गुड्डा, पूर्व महापौर प्रभात साहू, एसबीसी के सदस्य राजेश व्यास, आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े पंडित वासुदेव शास्त्री, समाजसेवी विश्व मोहन समेत अनेक हस्तियां मौजूद थे। शोक सभा के दौरान सभी ने श्री त्रिवेदी की मददगार शैली को रेखांकित करते हुए इस क्षति को कभी ना पूरा होने वाला बताया।