बैठक में सांसद श्री नागर ने इन्दौर में कोरोना के बढ़ते प्रकरणों के मद्देनजर जिले के नागरिकों से उसकी भयावहता को समझने और कोरोना से बचाव के लिए स्वयं एवं परिवार की चिंता करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट बहुत तेजी से फैलता है। इससे बचाव के लिए जिला प्रषासन द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिष्चित करें।
बैठक में रात्री कालीन कर्फ्यु के दौरान अनावश्यक घूमने-फिरने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध सख्ती करने, मास्क नही लगाने वाले व्यक्तियों को टोकने और निर्धारित जुर्माने के राषि वसूलने सुझाव दिए गए।
इस मौके पर कलेक्टर श्री दीक्षित द्वारा जिले में 100 दिवस की आवश्यकता के अनुसार दवाओं का अग्रिम भण्डारण करने, जीवन रक्षक उपकरण दुरूस्त रखने तथा आवष्यताओं का मांगपत्र दिए जाने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यदु को दिए। उन्होंने बताया कि जिले में कोविड वैक्सीन की प्रथम डोज 91 प्रतिशत को एवं द्वितीय डोज 98 प्रतिशत लोगों को लगाई जा चुकी है। शेष पात्र हितग्राहियों का शतप्रतिशत टीकाकरण अगले 10-15 दिवस में हो, के प्रयास किए जा रहे है।
बैठक के प्रारंभ में अपर कलेक्टर श्री नागर द्वारा कोरोना के ओमीक्रॉन वेरिएंट का तेज गति से संक्रमण फैलने तथा उसकी भयावहता से समूह सदस्यों को अवगत कराया गया तथा जिले में कोरोना संक्रमण से उपचार हेतु जिले उपलब्ध संसाधन ऑक्सीजन प्लांट, आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर, फ्लोमीटर, उपलब्ध कुल ऑक्सीजन बैड, ऑक्सीजन सिलेण्डरों एवं चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में 2 ऑक्सीजन प्लान्ट क्रमषः 1,000 लीटर एवं 960 लीटर प्रतिमिनट क्षमता के साथ ऑक्सीजन भण्डारण के लिए 6 के.एल. के एक टेंक की भी व्यवस्था उपलब्ध है। साथ ही 5 वेन्टिलेटर भी उपलब्ध है, के सामान्य उपयोग लिए दो चिकित्सक भी पदस्थ है।
बैठक के अंत में सभीजनों ने जिले के नागरिकों से कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी संभव उपाय करने की अपील की तथा कहा कि जीवन अनमोल है और नागरिकों का स्वास्थ्य सर्वोपरी है।
