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ओबीसी आरक्षण बिना पंचायत चुनाव नहीं, विस में सर्वानुमति से संकल्प पारित

अभी भी असमंजस, चुनाव आयोग के निर्णय का सबको इंतजार भोपाल। पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर कांग्रेस के हंगामे के बीच विधानसभा में गुरुवार को 19 हजार 71 करोड़ 94 लाख रुपए का अनुपूरक बजट समेत 5 विधेयक पास हुए। इसमें मध्यप्रदेश लोक एवं निजी संपत्ति को नुकसान का निवारण एवं नुकसान की वसूली बिल भी शामिल है। इससे पहले विधानसभा में प्रश्नकाल के हंगामे के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में संकल्प पेश कर सदन से सर्वसम्मति से ओबीसी आरक्षण के बगैर पंचायत चुनाव नहीं होने देने का प्रस्ताव पारित करने को कहा। कांग्रेस और भाजपा के विधायकों ने इस पर सहमति दी और इसके बाद अशासकीय संकल्प पारित कर दिया गया। खबर यह भी है कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर ओबीसी आरक्षण सहित पंचायत चुनाव कराने का आग्रह किया है। दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में पहुंचने के बाद कांग्रेस के हंगामे को देखते हुए फिर कहा कि हमारी मंशा है कि ओबीसी को आरक्षण दिए बगैर पंचायत चुनाव न हों। उन्होंने अशासकीय संकल्प प्रस्तुत करते हुए कहा कि पूरा सदन संकल्प ले कि ओबीसी आरक्षण के साथ ही चुनाव हों। संसदीय कार्यमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्र ने इसका समर्थन किया। सीएम चौहान ने कहा कि ओबीसी, एसटी, एससी, सवर्ण सभी को न्याय देंगे। कोर्ट में अर्ली हियरिंग के लिए अपील की गई है। बिना ओबीसी आरक्षण के लिए चुनाव हो जाना प्रदेश के लिए ठीक नहीं है। कांग्रेस विधायक तब भी गर्भगृह में नारेबाजी कर रहे थे। इस पर अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि सीएम चौहान कांग्रेस की मंशा के अनुरूप ही संकल्प लाए हैं। इसके बाद सभी कांग्रेस सदस्य सदन में आकर बैठ गए। इसके बाद अध्यक्ष गौतम ने सर्वसम्मति से अशासकीय संकल्प पारित होने की जानकारी दी। अब चुनाव आयोग इस संकल्प पर क्या निर्णय देता है, इस पर सबकी नजर है।
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