जालसाज ने बताया रेलवे में है सैटिंग, फर्जी लेटर भी दिया
जबलपुर। रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर उपभोक्ता फोरम के संविदा कर्मी से लाखों की ठगी हो गई। केंट पुलिस ने बताया कि संविदाकर्मी जालसाजों की बातों में आकर लाखों रुपए दे चुका है और उसे जब ट्रेनिंग के लिए लखनऊ ले जाया गया और एक-दो दिन घुमाकर वापस भेज दिया तब पता चला कि व जालसाजों का शिकार बन गया है। सच्चाई सामने आने के बाद युवक के होश उड़ गए और उसने अपने रुपए वापस मांगे और जब रकम नहीं मिली तो थाने पहुंचकर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कराया।
परिवार के लोग भी करने लगे थे एतबार
पुलिस ने बताया कि सदर वाजपेयी कम्पाउंड में रहने वाला 31 वर्षीय मादेश्वन स्वामी वर्तमान में उपभोक्ता फोरम में संविदा का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। वर्ष 2018 में वह भोपाल गया था। जहां उसकी मुलाकात कपिल साहू नाम के युवक से हुई। कपिल ने बातों-बातों में उसे बताया कि रेलवे में उसका बहुत जुगाड़ है और वह नौकरी लगवाने का काम ही करता है, इस दौरान कपिल ने उसे कई लोगों के नियुक्ति पत्र भी दिखाए, जिससे मादेश्वरन प्रभावित हो गया। थोड़े दिनों बाद कपिल जबलपुर स्थित मादेश्वरन के घर पहुंच गया, जहां उसने नौकरी में लगवाने में टोटल साढ़े सात लाख रुपए का खर्च बताते हुए पूरे परिवार को झांसे में ले लिया। मादेश्वरन का परिवार कपिल से इतना ज्यादा प्रभावित हुआ कि उसी दिन उसे 1 लाख 64 हजार रुपए दे दिए। इसके बाद 1 लाख 20 हजार रुपए और मादेश्वरन ने तीन अलग-अलग बार कपिल के दोस्त पूरम सिंह को ऑनलाइन ट्रांक्जेशन के माध्यम से 20,20 और 10 हजार रुपए भेजे।
लखनऊ में लिए 3 लाख,ट्रेनिंग सेंटर में घुमाया
इस दौरान कपिल और पूरन ने मादेश्वरन को जरा भी शक नहीं होने दिया और उसे नियुक्ति पत्र देकर ट्रेनिंग के लिए लखनऊ बुलाया। जहां मादेश्वरन ने उन्हें तीन लाख रुपए दिए फिर उनके साथ ट्रेनिंग सेंटर चला गया। ट्रेनिंग सेंटर में दो दिनों तक अलग-अलग समय घुमाने के बाद कपिल ने उससे ट्रेनिंग बाद में होने का हवाला देते हुए वापस जबलपुर भेज दिया। वापस आने पर मादेश्वरन ने जब नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज चेक कराए तो वे सभी फर्जी निकले। इसके बाद पीड़ित ने कपिल और पूरन को फोन लगागर अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन आज तक रकम वापस नहीं मिली। बताया जा रहा है कि दोनों जालसाज अब तक 6 लाख 34 हजार रुपए ऐंठ चुके हैं। पुलिस जालसाजों की तलाश कर रही है।