आसपास की 4 दुकानें भी आई चपेट में, लाखों का नुकसान
जबलपुर। सिहोरा के खितौला मोड पर स्थित एक टायर दुकान में देर रात करीब 2:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें करीब 25 से 30 फीट ऊंची उठ रही थीं। आग की भयावहता को देखकर आस पास क्षेत्र में रहने वाले लोगों को कोहराम मच गया। सूचना पर सिहोरा-मझौली से तत्काल मौके पर पहुंचे फायर अमले ने आग को बुझाना का प्रयास किया, लेकिन आग बढ़ती ही जा रही थी, जिसके बाद पनागर और जबलपुर से फायर बिग्रेड की कई गाड़ियां पहुंची। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने 3 घंटे की भारी मशक्कत के बाद सुबह करीब 5 बजे आग पर काबू पा लिया। भीषण आग लगने की घटना से दुकान में रखा लाखों रु पए का सामान जलकर राख हो गया। सिहोरा के खितौला मोड पर चंद्रभान लोधी की एमआरएफ नाम से टायर दुकान है। रात करीब 2:30 बजे के लगभग लोगों ने टायर दुकान से तेज धुआं निकलता देखा। कुछ ही देर में दुकान की शटर से आग की लपटें बाहर दिखने लगीं। देखते ही देखते आग की लपटें विकराल होकर उठने लगी। इसी बीच रात्रि गश्त कर रहे खितौला थाना के मिथलेश राज हंस, नजीब मंसूरी, बीडी तिवारी, सोनू झा मौके पर पहुंचे और उन्होने तत्काल इसकी सूचना सिहोरा फायर ब्रिगेड अमले को दी। सूचना मिलते ही चंद मिनट में मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड ने आग को काबू में करने की कोशिश की लेकिन आग की लपटें इतनी तेज और ऊंची उठ रही थी कि आग को काबू में नहीं किया जा सका। मौके पर दुकान संचालक सहित लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लगातार बढ़ती आग को देखते हुए मझौली, पनागर और जबलपुर नगर निगम के फायर ब्रिगेड अमले को बल सहित बुलाया गया।
पुलिस- प्रशासन का अमला पहुंचा मौके पर.................
आग लगने की खबर मिलते ही सिहोरा, खितौला पुलिस थाने के अमले के अलावा तहसीलदार राकेश चौरिसया, नगर पालिका सिहोरा का अमला मौके पर पहुंच गया था। फिलहाल आग लगने का कारण अज्ञात बताया जा रहा है, लेकिन ऐसा अनुमान है कि आग शॉर्ट सर्किट होने से लगी है।
लाखों के टायर मशीन सहित अन्य सामान जला.........
टायर दुकान संचालक चंद्रभान लोधी ने बताया कि आग में लाखों रु पए के नुकसान हुआ है। दुकान के अंदर एमआरएफ के ट्रक, ट्रैक्टर एवं दोपिहया वाहनों के टायर, मशीन लैपटॉप कम्प्यूटर सहित सारे दस्तावेज जलकर राख हो गए हैं। गनीमत यह रही कि टायर दुकान के आजू-बाजू और ऊपरी हिस्से की दुकानें खाली थी, आग वहां तक पहुंची,लेकिन दुकानों में किसी प्रकार का सामान नहीं था।