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कपड़ा व्यापरियों की जीत, 1 जनवरी से जीएसटी नहीं बढ़ेगा, जूता व्यापारियों को राहत नहीं

जीएसटी काउंसिल ने निर्णय वापस लिया

 नई दिल्ली। साल के आखिरी दिन कपड़ा व्यापारियों की जीत हो गई, 1 जनवरी से लागू होने वाली 12 प्रतिशत जीएसटी की दर केंद्र सरकार ने वापस ले ही है। यह निर्णय जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में चली इस बैठक में फैसला लिया गया है कि टेक्सटाइल सेक्टर पर जो जीएसटी बढ़ाया गया था, उस फैसले को स्थगित किया जाएगा,वहीं फुटवियर उद्योग के लिए कोई राहत नहीं दी गई है। 

अधिकांश राज्यों ने जताया था विरोध ........ 

बैठक में कई चीजों पर जीएसटी दरों में बदलाव पर चर्चा हुई। गौरतलब है कि 1 जनवरी 2022 से कपड़ा उत्पादों पर जीएसटी को 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया जाना था, लेकिन देश में अधिकांश राज्य सरकारें टेक्सटाइल सेक्टर व फुटवेयर उद्योग में जीएसटी दर बढ़ाने के विरोध में थे। ऐसे में जीएसटी परिषद ने यह फैसला वापस ले लिया है। प्रदेश भाजपा के व्यापारी प्रकोष्ठ के संयोजक शरद अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों के विरोध से सरकार को अवगत कराया गया था। उन्होने जीएसटी दर बढ़ाने का फैसला स्थगित करने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार माना। 

जूता सौ रुपए का हो या हजार का, लगेगा 12 प्रतिशत जीएसटी ............. 

जीएसटी काउंसिल की बैठक में निर्णय लिया गया कि1 जनवरी, 2022 से सभी फुटवियर पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा, चाहे इन जूते-चप्पलों की कीमत कुछ भी क्यों न हो। यानी जूता चाहे 100 रुपये का हो या फिर 1000 रुपये का सभी पर 12 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा। इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि रेडीमेड कपड़ों सहित कपास को छोड़कर कपड़ा उत्पादों पर 12 प्रतिशत समान जीएसटी दर लागू होगी। बताया जाता है कि अब जूते-चप्पल पर टैक्स कम करने और दो स्लैब को आपस में मिलाने के बारे में काउंसिल की अगली बैठक में विचार किया जाएगा।

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