भाजपा कार्यालय में करणी सेना ने घेरा, पूरे प्रदेश में विरोध
भोपाल। शिवराज सरकार के मंत्री और कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए बिसाहू लाल सिंह सवर्ण महिलाओं पर दिए बयान पर पूरे प्रदेश में घिर गए हैं। शनिवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में जमकर हंगामा हुआ। करणी सेना के सदस्यों ने भाजपा कार्यालय के अंदर ही मंत्री की गाड़ी को घेर लिया, उन्हें काले झंडे दिखाए गए। बिसाहू लाल सिंह को बमुश्किल कार्यालय के अंदर ले जाया गया। करणी सेना के सदस्यों ने मंत्री के बंगले पर भी प्रदर्शन किया और प्रदेश के अनेक जिलों में विरोध करते हुए करणी सेना ने बिसाहू लाल का पुतला जलाया। भाजपा इस मामले में किनारा किए है, वहीं कांग्रेस ने मांग की है कि बिसाहू लाल सिंह को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए। पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री ऐसा नहीं करते तो ये माना जाएगा कि महिलाओं के बारे में कही गई बात को शिवराज सिंह का भी समर्थन है।
महिलाओं पर आंख उठाने वाले को माफ नहीं किया: जयवर्धन सिंह
मंत्री बिसाहू लाल का वह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है जिसमें उन्होने सवर्ण महिलाओं को घसीटकर घर से बाहर निकालने जैसी बात कही है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और उनके बेटे जयवर्धन सिंह ने मंत्री के बयान को गलत बताया है। दिग्विजय ने कहा कि यह संगत का असर है। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने ट्वीट कर कहा कि आप हाथ पकड़कर घर से निकालने की बात करते हो, हमने आंख उठाने वालों को भी माफ नहीं किया है।
भाजपा कार्यालय में नोंकझोंक, पुलिस ने किया हस्तक्षेप
भाजपा कार्यालय में करीब आधे घंटे तक हंगामा चला। करणी सेना ने मंत्री को कार से बाहर निकालने का प्रयास किया,इस दौरान बीजेपी पदाधिकारियों व करणी सेना के सदस्यों के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में पहुंची पुलिस हंगामा कर रहे लोगों को अपने वाहन में बैठाकर थाने ले गई। इसके बाद बिसाहू लाल भी कार्यालय से बाहर निकले। करणी सेना ने पुलिस को मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए ज्ञापन भी दिया।
बिसाहू लाल सिंह के इस बयान से मचा बवाल
खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहू लाल सिंह ने अनूपपुर में कहा था- जितने बड़े-बड़े लोग हैं, ठाकुर-ठकार और दूसरे और बड़े लोग। वो अपने घर की औरतों को कोठरी में बंद करके रखते हैं। बाहर निकलने ही नहीं देते। जितने धान काटने वाले, आंगन लीपने वाले, गोबर फेंकने का काम हमारे गांव की महिलाएं करती हैं। उन्होंने कहा था कि जब महिलाओं और पुरु षों का बराबर अधिकार है, तो दोनों को बराबरी से काम भी करना चाहिए। बड़े लोगों की महिला बाहर न निकले तो पकड़-पकड़कर उन्हें बाहर निकालो।